पांच वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में कबीरधाम पुलिस की अनुकरणीय कार्रवाई, 22 दिन में चालान, आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
कबीरधाम जिले में पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास के संवेदनशील प्रकरण में महिला थाना कवर्धा पुलिस ने त्वरित व पेशेवर कार्रवाई करते हुए 22 दिनों में चालान प्रस्तुत किया। फास्ट ट्रैक पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | कबीरधाम जिले में पांच वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास के अत्यंत संवेदनशील प्रकरण में कबीरधाम पुलिस ने अनुकरणीय तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। महिला थाना कवर्धा में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 36/2025 (धारा 137(2), 64(1), 65(2), 74 बीएनएस एवं 06 पॉक्सो एक्ट) में माननीय विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक), पॉक्सो कबीरधाम द्वारा आरोपी दशरथ लाल गुप्ता (निवासी वार्ड नं. 14, गुप्ता पारा, कवर्धा) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है।
इस प्रकरण में पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज अभिषेक शांडिल्य (IPS) के मार्गदर्शन में तथा पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के कुशल नेतृत्व में कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल के सतत पर्यवेक्षण तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी आशीष शुक्ला के निर्देशन में प्रकरण की निरंतर मॉनिटरिंग की गई।
नाबालिग पीड़िता की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित पक्ष की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी गई और सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया गया। महिला थाना प्रभारी भुनेश्वरी राठौर के नेतृत्व में गठित टीम ने विवेचना को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सशक्त एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए। घटना के 22 दिनों के भीतर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जो पुलिस की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
सुदृढ़ विवेचना, प्रभावी अभियोजन समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के परिणामस्वरूप ट्रायल प्रारंभ होने के मात्र तीन माह के भीतर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध कर कठोरतम दंड का आदेश पारित किया। महिला थाना टीम के उत्कृष्ट कार्य, मेहनत और प्रोफेशनलिज्म को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
यह मामला कबीरधाम पुलिस की शून्य सहनशीलता नीति का स्पष्ट संदेश देता है। पुलिस ने दोहराया है कि बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों पर त्वरित, निष्पक्ष और कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी, ताकि समाज में विश्वास स्थापित हो और अपराधियों को कड़ा संदेश मिले।