जिला जेल कबीरधाम में बंदियों को कराया जा रहा गीता अध्ययन, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास पर जोर
कबीरधाम जिला जेल में बंदियों के नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए गीता अध्ययन कार्यक्रम शुरू किया गया है। तीन माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिदिन ऑनलाइन श्लोक पाठ कराया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। जिला जेल कबीरधाम में बंदियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से गीता परिवार के सहयोग से गीता अध्ययन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम 03 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया गया है।
कार्यक्रम के तहत जिले के 11 बंदियों को गीता के समस्त अध्यायों का क्रमबद्ध अध्ययन कराया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से 8.10 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से गीता पाठ का आयोजन किया जाता है। इस दौरान गीता परिवार से जुड़ी वर्षा वर्मा, नितिन गोरे और साई काव्या द्वारा बंदियों को सरल भाषा में गीता के श्लोकों का अर्थ, भावार्थ और उनके व्यावहारिक जीवन में उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
सहायक जेल अधीक्षक राजेंद्र बंजारे ने बताया कि यह अध्ययन कार्यक्रम तीन माह तक चलेगा, जिसमें बंदियों को गीता के सभी 18 अध्यायों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, आत्मचिंतन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना तथा उन्हें जीवन में सही दिशा और मूल्यबोध प्रदान करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि गीता अध्ययन के माध्यम से बंदियों में धैर्य, आत्मसंयम और मानसिक शांति जैसे गुणों का विकास होगा, जिससे उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आने की उम्मीद है। यह पहल बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।