कबीरधाम जिला अस्पताल बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार
कबीरधाम जिला अस्पताल ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार करते हुए आम जनता का विश्वास जीता है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल आधुनिक सुविधाओं और बेहतर इलाज का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले का जिला अस्पताल अब केवल एक सामान्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह बेहतर चिकित्सा सेवाओं और आम जनता के विश्वास का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है। बीते कुछ वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में हुए व्यापक सुधारों ने इसे निजी अस्पतालों के समकक्ष एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों और मार्गदर्शन में अस्पताल की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। संसाधनों के विस्तार, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थागत बदलावों के चलते यहां मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल रहा है।
अस्पताल में ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां 1,19,557 मरीजों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया था, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,64,712 हो गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक की वृद्धि है, जो इस बात का संकेत है कि लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
इसी प्रकार आईपीडी (आंतरिक रोगी विभाग) में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 13,253 तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी लोग अब जिला अस्पताल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2023 में जहां 3,001 प्रसव हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई। इससे यह साबित होता है कि मातृत्व सेवाएं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनी हैं।
सोनोग्राफी सेवाओं में तो क्रांतिकारी सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023 में जहां केवल 874 सोनोग्राफी हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 हो गई। यह लगभग आठ गुना वृद्धि है, जो आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ स्टाफ की उपलब्धता को दर्शाती है।
डायग्नोस्टिक सेवाओं में भी तेजी आई है। एक्स-रे की संख्या 2023 में 9,865 से बढ़कर 2025 में 13,920 हो गई, जबकि लैब जांच 2,10,186 से बढ़कर 3,62,113 तक पहुंच गई। इसके अलावा हाल के समय में 1,462 से अधिक सीटी स्कैन भी किए गए हैं, जो आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को दर्शाते हैं।
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी अस्पताल ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मोतियाबिंद ऑपरेशन की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल रहा है।
इस सफलता के पीछे अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत भी अहम भूमिका निभा रही है। उनकी समर्पित सेवाओं ने अस्पताल की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
आज यह अस्पताल न केवल कबीरधाम जिले के लोगों के लिए बल्कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे क्षेत्रों के लोगों के लिए भी जीवन रेखा बन गया है।
कुल मिलाकर, कबीरधाम जिला अस्पताल की यह प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे, सेवा और समर्पण की एक प्रेरणादायक कहानी बन चुकी है।