कबीरधाम में साइबर जागृति अभियान, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर लोगों को किया जागरूक
कबीरधाम पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत नागरिकों और छात्र-छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए। साथ ही नशामुक्ति अभियान के तहत युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। यातायात जागरूकता कार्यक्रम में हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नाबालिगों के वाहन चलाने जैसे विषयों पर समझाइश दी गई। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम पुलिस द्वारा साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 अगस्त 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को विशेष विषय बनाया गया है। पुलिस टीमों द्वारा जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
2 सितंबर 2026 को थाना झलमला पुलिस टीम ने पंचायत भवन में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं चौकी पोड़ी पुलिस टीम ने ग्राम मानिकपुरी, सूरजपुर और रामहेपुर खुर्द में लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। थाना कुंडा पुलिस टीम ने क्षेत्र के बाजार में तथा चौकी बैजलपुर पुलिस टीम ने ग्राम सिंघारी में साइबर अपराध के साथ नशामुक्ति और यातायात सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम किए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के तरीके को लेकर नागरिकों को सतर्क किया। बताया गया कि साइबर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखा सकते हैं और वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ या जांच का हवाला देकर पैसों की मांग कर सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करने और किसी भी दबाव में पैसे ट्रांसफर नहीं करने की सलाह दी गई।
नागरिकों को OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचने और सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता बनाए रखने की जानकारी भी दी गई। छात्र-छात्राओं को इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के सुरक्षित उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में भी बताया गया।
नशामुक्ति अभियान के दौरान युवाओं और ग्रामीणों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने परिवार तथा साथियों को भी इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने की अपील की। युवाओं को शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
यातायात जागरूकता कार्यक्रम में हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने और शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई। यातायात सिग्नल और सड़क संकेतों का पालन करने तथा नाबालिगों को वाहन नहीं देने की अपील की गई। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनने और सड़क पर ओवरटेकिंग के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस के अनुसार समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने, नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की है।