बोड़ला एसडीएम कार्यालय के निरीक्षण में कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दिए राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बोड़ला एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों, वनाधिकार मामलों, सेवा सेतु केंद्र, ई-ऑफिस और बायोमैट्रिक उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने और नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

Sep 3, 2026 - 09:56
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बोड़ला एसडीएम कार्यालय के निरीक्षण में कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने दिए राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय बोड़ला का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं और विभिन्न शासकीय कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एसडीएम कोर्ट, राजस्व निरीक्षक कार्यालय सहित कार्यालय के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया और वहां कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों से उनके दायित्वों तथा लंबित कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने कार्यालय में प्राप्त राजस्व प्रकरणों और उनके निराकरण की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम कार्यालय के रीडर से कुल प्राप्त प्रकरणों, लंबित मामलों और अब तक किए गए निराकरण की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वनाधिकार पत्र से संबंधित प्राप्त आवेदनों का भी अवलोकन किया। उन्होंने एसडीएम, रीडर और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को वनाधिकार से जुड़े नियमों एवं प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार से संबंधित प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण किया जाए और पात्र मामलों का समय पर निराकरण सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने खाद्य निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए वहां उपस्थित कर्मचारियों से सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और निर्धारित समय में उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने एसडीएम कार्यालय भवन की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने भवन में आवश्यक मरम्मत कार्य कराने के निर्देश देते हुए इसके लिए जरूरी स्टीमेट तैयार करने को कहा। उन्होंने कार्यालयीन कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने तथा सभी अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कार्यालयों में आधुनिक कार्यप्रणाली अपनाने से कामकाज में गति आएगी और नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय परिसर में स्थित तहसील कार्यालय और तहसील न्यायालय का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार से तहसीलदार कोर्ट में प्राप्त कुल राजस्व प्रकरणों, लंबित मामलों और उनके निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी लाने और आम नागरिकों से जुड़े मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सेवा सेतु केंद्र का निरीक्षण करते हुए ऑपरेटरों को आवेदनों की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में उचित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी त्रुटि या दस्तावेजों की जानकारी के अभाव में आवेदकों के आवेदन अनावश्यक रूप से निरस्त नहीं होने चाहिए। इसके लिए सेवा सेतु केंद्र के बाहर विभिन्न सेवाओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिक आवेदन से पहले जरूरी कागजात की जानकारी प्राप्त कर सकें। निरीक्षण के दौरान एसडीएम आशुतोष शर्मा, तहसीलदार हुलेश्वर पटेल, जनपद सीईओ आकाश राजपूत सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।