‘मेरी पौष्टिक थाली’ से पोषण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न, हरी सब्जियों और फलों से तैयार ‘मेरी पौष्टिक थाली’ का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से संतुलित आहार और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच भी की गई। आवश्यकता के अनुसार टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
खेल और रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों ने लिया हिस्सा
‘आंगन मिलन सेवा’ के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। स्थानीय जनभागीदारी से ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया गया और बच्चों को फल एवं मिठाइयां वितरित की गईं।
महिलाओं और युवतियों के लिए मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। वहीं ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ के माध्यम से सुपोषित बच्चों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया।
पोषण वाटिका और ‘घर-घर मुनगा’ की पहल
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने के उद्देश्य से फलदार पौधों और पौष्टिक सब्जियों के पौधे लगाए गए। इसके साथ ही परिवारों को अपने घरों में मुनगा लगाने के लिए प्रेरित करते हुए ‘घर-घर मुनगा’ का संकल्प लिया गया।
बच्चों के मानसिक और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए समुदाय से खिलौने और खेल सामग्री दान करने की अपील भी की गई। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बनाए जा रहे ‘खिलौना बैंक’ को समृद्ध करने की पहल की गई।
योजनाओं की जानकारी और हितग्राहियों का सम्मान
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए नए पात्र हितग्राहियों का मौके पर पंजीयन भी किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
जिले के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों, महिलाओं और समुदाय को पोषण एवं स्वास्थ्य से जोड़ने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।