कार्यक्रम के दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि होली केवल रंगों और उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के साथ खुशियां साझा करना ही किसी भी पर्व की सच्ची सार्थकता है। इसी भावना के साथ यह स्वेच्छानुदान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद परिवार भी त्योहार की खुशियों में समान रूप से सहभागी बन सकें।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनका प्राथमिक लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सहायता को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे होते हैं, जो दैनिक आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करते हैं। ऐसे में त्योहारों के समय छोटी-सी सहायता भी उनके जीवन में बड़ी राहत और मुस्कान लेकर आती है।
उन्होंने आगे कहा कि होली का वास्तविक संदेश सामाजिक समरसता, परस्पर सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है। समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब हर वर्ग एक-दूसरे का सहारा बने और विकास की यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। इसी सोच के तहत उत्तर विधानसभा क्षेत्र में निरंतर जनहित से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों और लाभार्थियों ने विधायक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और जरूरतमंद परिवारों को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। कई परिवारों ने भावुक होकर विधायक पुरंदर मिश्रा का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस सहयोग से उन्हें होली का पर्व उल्लास और सम्मान के साथ मनाने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल को अनुकरणीय बताया और कहा कि यदि हर जनप्रतिनिधि इसी भावना के साथ कार्य करे, तो समाज में गरीबी, उपेक्षा और असमानता की खाई को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह होली सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली के रंग लेकर आए। उन्होंने कामना की कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द और अधिक मजबूत हो तथा हर व्यक्ति सुरक्षित, सम्मानित और खुशहाल जीवन जी सके।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि होली जैसे पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त करने का भी माध्यम हैं।