हरियाणा की खुशी ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 2026 में सहभागिता पर जताई खुशी, कहा—छत्तीसगढ़ में दिख रहा एक भारत श्रेष्ठ भारत
बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 2026 में हरियाणा राज्य के पलवल जिले से आई छात्रा खुशी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे एक भारत श्रेष्ठ भारत की जीवंत झलक बताया। प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 2026 में सहभागिता करने हरियाणा राज्य के पलवल जिले से आई छात्रा खुशी ने जंबूरी में शामिल होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। खुशी ने बताया कि यहां आकर उन्हें अत्यंत खुशी महसूस हो रही है और यह आयोजन उनकी कल्पना से कहीं अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित है।
खुशी ने बताया कि वह 11वीं कक्षा की छात्रा है और अपने विद्यालय के रोवर-रेंजर्स दल के साथ इस राष्ट्रीय जंबूरी में शामिल हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि पर आकर उन्हें बेहद अच्छा लग रहा है। यहां उन्होंने कई नई और उपयोगी बातें सीखीं। आज वे गोंदली जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने पहुंचीं, जहां का मनोरम दृश्य और शांत वातावरण उन्हें विशेष रूप से आकर्षित कर गया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ वातावरण और यहां की संस्कृति अत्यंत मनमोहक है। जंबूरी के माध्यम से उन्हें नए-नए अनुभव प्राप्त हो रहे हैं। खुशी ने कहा कि यहां उन्हें “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की सजीव झलक देखने को मिल रही है, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर्स अनुशासन में रहकर विविध गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
खुशी ने यह भी बताया कि जंबूरी में विभिन्न राज्यों के रोवर-रेंजर्स अपनी-अपनी संस्कृति और कला की प्रस्तुति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो चीजें उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थीं, वे सब उन्हें यहां देखने और सीखने को मिल रही हैं, जिससे अनुभव और भी समृद्ध हो रहा है।
उन्होंने जंबूरी स्थल ग्राम दुधली की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां नाश्ता, भोजन और आवास सहित सभी सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। वहीं हरियाणा राज्य के पलवल जिले के रोवर रेंजर टीम के सदस्य रौनक ने बताया कि छत्तीसगढ़ का मौसम अत्यंत सुहावना है और यहां के प्राकृतिक दृश्य बहुत आकर्षक हैं। रौनक ने जंबूरी स्थल पर कैंप लगाकर एक-दो सप्ताह तक रुकने की इच्छा भी जाहिर की।