कार्यक्रम में मिशन महिला शक्ति अभियान की नेतृत्वकर्ता एवं उत्कल गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके आगमन पर समाज की महिलाओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सावित्री जगत ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दिलों को जोड़ने, आपसी मतभेदों को भुलाने और समाज में सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने का पर्व है। उन्होंने कहा कि होली हमें यह सिखाती है कि हम सभी मिलकर प्रेम, सौहार्द और सहयोग के साथ समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मिशन महिला शक्ति अभियान और उत्कल गांड़ा महिला महामंच के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने समाज की महिलाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक गीतों व आपसी संवाद के माध्यम से उत्सव को उल्लासपूर्ण बनाया। पूरे कार्यक्रम में आपसी अपनापन, सहयोग और एकजुटता का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। उपस्थित महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी मेल-मिलाप बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी सकारात्मक संस्कार देने में सहायक होते हैं।
होली मिलन समारोह में द्रौपदी हियाल, हेमा सागर, रुक्मणी टांडी, बजूरी बाग, गायत्री, अमित, रेशमा, गीता बघेल, मंजू, संतोषी, लक्ष्मी, किरण बेसरा, पुनीत महारथा सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सावित्री जगत ने कहा कि गांड़ा समाज की महिलाओं की एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाकर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगी।
इस होली मिलन कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सामाजिक समरसता, महिला जागरूकता और एकता के माध्यम से ही एक मजबूत और खुशहाल समाज का निर्माण संभव है।