चार डिब्बों में कचरा संग्रहण के लिए चल रहा जागरूकता अभियान, गांव-गांव पहुंच रही स्वच्छता टीम

कबीरधाम जिले की 60 ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत चार प्रकार के डिब्बों में कचरा पृथक्करण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छता दीदियां और विभागीय अमला घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

Jun 24, 2026 - 10:41
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चार डिब्बों में कचरा संग्रहण के लिए चल रहा जागरूकता अभियान, गांव-गांव पहुंच रही स्वच्छता टीम

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कबीरधाम जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की 60 ग्राम पंचायतों में चार प्रकार के डिब्बों में कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था लागू की गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

अभियान के तहत स्वच्छता दीदियां और विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को कचरे के पृथक्करण के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं। ग्रामीणों से सूखा कचरा, गीला कचरा, सेनेटरी कचरा और विशेष कचरे को अलग-अलग डिब्बों में रखने की अपील की जा रही है। साथ ही उन्हें खुले में कचरा न फेंकने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान के दौरान प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा उसके दुष्प्रभावों के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जा रही है। विभागीय टीम ग्रामीणों को यह भी समझा रही है कि प्लास्टिक को जलाने या जल स्रोतों में फेंकने से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में जिले के गांवों में नारा लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, चौपाल, स्वच्छता रैली, घर-घर संपर्क अभियान और वार्ड स्तरीय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत बैठकों में स्वच्छता ग्राहियों द्वारा लोगों को बताया जा रहा है कि खुले में कचरा फेंकने से बीमारियां फैल सकती हैं। साथ ही यह भी समझाया जा रहा है कि प्लास्टिक को नालियों, तालाबों, नदियों और अन्य जल स्रोतों में नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि इससे पर्यावरणीय प्रदूषण बढ़ता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सिघनपुरी जंगल, हथलेवा, राजपुर और बिरकोना सहित कई ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

चार डिब्बा प्रणाली के तहत हरे डिब्बे में गीला कचरा जैसे सब्जियों के छिलके और बचा हुआ भोजन, नीले डिब्बे में सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु, लाल डिब्बे में सेनेटरी कचरा तथा काले डिब्बे में इलेक्ट्रॉनिक और विशेष प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से स्वच्छता दीदियों के सहयोग से कचरा संग्रहण व्यवस्था को सफल बनाने और गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।