दुर्ग में पहली बार एक साथ साकार हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग, महारुद्राभिषेक में गूंजा हर-हर महादेव

सावन और नागपंचमी के पावन अवसर पर दुर्ग के सतरूपा शीतला मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंग महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया गया। माँ शक्ति स्वरूपा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप तैयार कर सामूहिक महारुद्राभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

Aug 20, 2026 - 14:26
 0  3
दुर्ग में पहली बार एक साथ साकार हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग, महारुद्राभिषेक में गूंजा हर-हर महादेव

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l सावन और नागपंचमी के पावन अवसर पर माँ शक्ति स्वरूपा समिति, दुर्ग द्वारा सतरूपा शीतला मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंग महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया गया। दुर्ग में पहली बार एक ही स्थान पर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप तैयार कर सामूहिक महारुद्राभिषेक किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

आयोजन के दौरान सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप तैयार किए गए। सभी ज्योतिर्लिंगों का विधि-विधान से पूजन और महारुद्राभिषेक किया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर

भिलाई के ज्योतिषाचार्य पंडित हेमंत शर्मा और उनकी टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ और धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजन संपन्न कराया। महारुद्राभिषेक के दौरान शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के सभी द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूपों के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सावन और नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने की शिरकत

कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, महापौर अलका बागमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व विधायक अरुण वोरा, कैलाश जैन बरमेचा सहित समाजसेवक और अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पूजा-अर्चना की।

आयोजन की सफलता में माँ शक्ति स्वरूपा समिति से जुड़ी मातृशक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति की महिलाओं ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहभागिता निभाई और श्रद्धालुओं के लिए आयोजन को व्यवस्थित बनाने में सहयोग किया।

आस्था और सनातन संस्कृति का प्रतीक बना आयोजन

आयोजन की संयोजिका डॉ. भावना दिवाकर ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं, पंडित हेमंत शर्मा की टीम और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन मातृशक्ति की आस्था, एकजुटता और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

दुर्ग में एक ही स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप स्थापित कर महारुद्राभिषेक का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अनुभव रहा। सावन और नागपंचमी के अवसर पर हुए इस आयोजन में भगवान शिव की भक्ति और सनातन परंपरा की झलक देखने को मिली।