दुर्ग में घरेलू हिंसा का दर्दनाक अंत: पत्नी ने सिलबट्टे से की पति की हत्या

दुर्ग में एक पारिवारिक विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया, जब घरेलू हिंसा से परेशान पत्नी ने गुस्से में आकर अपने पति की सिलबट्टे से हत्या कर दी। यह घटना घरेलू उत्पीड़न और शराब की लत से जुड़े गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर करती है।

Apr 21, 2026 - 11:17
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दुर्ग में घरेलू हिंसा का दर्दनाक अंत: पत्नी ने सिलबट्टे से की पति की हत्या

UNITED NEWS OF ASIA. भारती, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित दुर्गा पारा (वार्ड 35) में एक पत्नी द्वारा अपने पति की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे घरेलू तनाव और हिंसा का दुखद परिणाम है।

मृतक की पहचान 40 वर्षीय डोमन साहू के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसकी पत्नी हीरामणी साहू (35 वर्ष) है। जानकारी के अनुसार, डोमन को शराब की गंभीर लत थी और वह अक्सर नशे में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। परिवार में रोजाना होने वाले विवाद और हिंसा ने घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना दिया था।

बताया जा रहा है कि लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर हीरामणी साहू ने 19 अप्रैल को जामुल थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डोमन को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जमानत मिल गई।

हालांकि, जमानत पर घर लौटने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टा, पति-पत्नी के बीच विवाद और अधिक बढ़ गया। घटना वाले दिन दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। गुस्से और आक्रोश में आकर हीरामणी ने घर में मौजूद पत्थर के सिलबट्टे से डोमन के सिर पर जोरदार वार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक के भाई महेंद्र साहू ने बताया कि डोमन की शराब की आदत ही इस पूरे विवाद की जड़ थी। वह आए दिन घर में झगड़ा करता था, जिससे परिवार में हमेशा तनाव बना रहता था।

दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।

यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। घरेलू हिंसा, शराब की लत और पारिवारिक तनाव जैसे मुद्दे अक्सर अनदेखे रह जाते हैं, लेकिन जब ये हद पार कर जाते हैं, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।

जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप किया जाए, पीड़ितों को सहायता और सुरक्षा मिले, और समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।