विरोध मार्च में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रमुख रूप से शामिल हुए। उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर निर्मल कोसरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस भवन से निकली रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ी। पटेल चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए बिजली कार्यालय के सामने लगाए गए बैरिकेड तक पहुंचे। यहां भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति सामने आई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम के प्रतीकात्मक पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया।
कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। ज्ञापन में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की नियमानुसार समीक्षा करने की मांग रखी गई। कांग्रेस ने “वोट चोरी” से जुड़े आरोपों और शिकायतों की तथ्यात्मक जांच की मांग भी की।
ज्ञापन में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित रिकॉर्ड, दावों, आपत्तियों, फॉर्म-6 और अन्य दस्तावेजों की नियमानुसार जांच की मांग की गई। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार Form-6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और आयोग के पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों, आपत्तियों और रिकॉर्ड की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग भी रखी। यह मांग कांग्रेस की ओर से की गई है; इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
विरोध प्रदर्शन और रैली के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से उठाए गए मुद्दों की नियमों के अनुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। वहीं, निर्वाचन आयोग अपनी आधिकारिक मतदाता सेवाओं के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन, नाम हटाने, आवेदन की स्थिति जांचने और शिकायत दर्ज करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की के कारण दुर्ग में राजनीतिक गतिविधि के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चर्चा में रही। पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा शिकायतों की जांच की मांग प्रमुख रूप से सामने आई।