समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन 2025–26: समयबद्ध भुगतान और सुचारू व्यवस्था से किसानों का बढ़ा भरोसा

धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। समय पर भुगतान और सुचारू व्यवस्थाओं से किसानों में संतोष और विश्वास का वातावरण बना है।

Jan 10, 2026 - 11:16
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समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन 2025–26: समयबद्ध भुगतान और सुचारू व्यवस्था से किसानों का बढ़ा भरोसा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसान-हितैषी ढंग से संचालित की जा रही है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले की 74 सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित 100 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है।

जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 1,29,340 किसानों का पंजीयन किया गया है। इन किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 1,27,455.74 हेक्टेयर है। 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुई धान खरीदी प्रक्रिया के अंतर्गत अब तक 92,697 किसानों से कुल 45,74,444.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इस खरीदी की कुल राशि लगभग 1,084.68 करोड़ रुपये है।

धान खरीदी के एवज में अब तक 83,941 किसानों को 976.30 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। भुगतान की यह प्रक्रिया समयबद्ध एवं पारदर्शी होने के कारण किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना हुआ है। शासन की इस पहल से किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है और उन्हें अपनी उपज के उचित मूल्य की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित हो रही है।

प्रशासन द्वारा आगामी 12 जनवरी 2026 के लिए जिले में 3,378 किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। इन टोकनों के माध्यम से 14,981.06 क्विंटल धान की खरीदी प्रस्तावित है, जिससे खरीदी प्रक्रिया में भीड़ प्रबंधन एवं समयबद्धता बनाए रखने में सहायता मिल रही है।

जिले में धान उपार्जन की संपूर्ण व्यवस्था प्रभावी निगरानी प्रणाली के तहत संचालित की जा रही है। गुणवत्ता परीक्षण, तौल, भंडारण और भुगतान की हर प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की यह प्रक्रिया शासन की किसान-हितैषी नीतियों और प्रशासनिक दक्षता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। इससे न केवल किसानों की सहभागिता बढ़ी है, बल्कि वे शासन की योजनाओं से लाभान्वित होकर आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे हैं। धमतरी जिले में धान उपार्जन की यह सफल व्यवस्था अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।