सर्चिंग से लौटते समय बड़ा हादसा, सीआरपीएफ 65 बटालियन के जवान की खाई में गिरने से मौत

मैनपुर क्षेत्र के आमामोरा ओढ़ में सर्चिंग के बाद लौट रहे सीआरपीएफ 65 बटालियन के जवान की बाइक दुर्घटना में खाई में गिरने से मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित किया।

Jan 20, 2026 - 17:09
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सर्चिंग से लौटते समय बड़ा हादसा, सीआरपीएफ 65 बटालियन के जवान की खाई में गिरने से मौत

UNITED NEWS OF ASIA. रुपेश साहू,गरियाबंध | मैनपुर छत्तीसगढ़ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्चिंग अभियान के दौरान तैनात सीआरपीएफ 65 बटालियन के एक जवान की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आमामोरा ओढ़ के पास उस समय हुआ, जब जवान सर्चिंग अभियान पूरा कर अपने कैंप की ओर लौट रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ 65 बटालियन के जवान सुबह आमामोरा ओढ़ क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन के लिए निकले थे। अभियान समाप्त होने के बाद वापसी के दौरान जवान बाइक से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि जवान को मौके पर ही गंभीर चोटें आईं।

घटना की जानकारी मिलते ही अन्य साथी जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल जवान को खाई से बाहर निकाला। तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत मैनपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच उपरांत जवान को मृत घोषित कर दिया।

जवान की शहादत की खबर मिलते ही सीआरपीएफ विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। जिला अस्पताल में सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जवान के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा गया है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र अत्यंत दुर्गम और पहाड़ी होने के कारण सर्चिंग अभियान के दौरान जवानों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संकरी और फिसलन भरी सड़कों पर आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, जवान की शहादत को नमन करते हुए अधिकारियों ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में निरंतर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।

सीआरपीएफ के इस जवान की असमय मृत्यु ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि आंतरिक सुरक्षा की लड़ाई में जवान हर पल जोखिम के साथ डटे रहते हैं। क्षेत्रवासियों और सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की है।