जिला न्यायालय परिसर में 75वां संविधान दिवस: सामूहिक प्रस्तावना पाठन और जागरूकता कार्यक्रम
बेमेतरा जिला न्यायालय परिसर में 75वां संविधान दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में सामूहिक प्रस्तावना का पाठन किया गया। विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और जिला जेल में भी कानून जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के आदेशानुसार 75वें संविधान दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में सुबह 11 बजे सामूहिक प्रस्तावना का पाठन किया गया। इस आयोजन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरोज नंद दास के साथ न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी, अधिकार मित्र तथा एलएडीसीएस के काउंसिल उपस्थित रहे।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में कहा कि संविधान एक लिखित दस्तावेज है, जो राष्ट्र की रीढ़ और उसके चरित्र का मार्गदर्शक है। यह न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व पर आधारित है तथा नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें न केवल अधिकार देता है, बल्कि हमारे कर्तव्यों का बोध भी कराता है। इस दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम संविधान के मूल्यों का सम्मान करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
संविधान दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लीगल एड डिफेंस कौंसिल, अधिकार मित्र एवं तालुका विधिक सेवा समिति, साजा द्वारा विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में संवैधानिक सिद्धांतों पर प्रश्नोत्तरी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामूहिक प्रस्तावना का पाठन भी इन संस्थानों में किया गया।
लीगल एड डिफेंस कौंसिल द्वारा लक्ष्मण प्रसाद वैद्य कन्या महाविद्यालय में संविधान दिवस के महत्व और शासन में संवैधानिक मूल्यों की भूमिका पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को संविधान के छह मौलिक अधिकार और 11 मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि संविधान देश का सर्वोच्च कानून है, जिसकी संरचना 26 नवंबर 1949 को तैयार की गई और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
जिला जेल बेमेतरा में भी संविधान दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम एवं चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा अनिता कोशिमा रावटे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।