पीएससी परीक्षा और जीएसटी पदोन्नति को लेकर कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य जीएसटी विभाग की 42 कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द किए जाने और पीएससी 2025 सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित किए जाने को लेकर सरकार और आयोग से सवाल किए हैं। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जीएसटी पदोन्नति की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पीएससी 2025 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में 17 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य जीएसटी विभाग की परीक्षा और कर्मचारियों की पदोन्नति के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि हाल ही में पीएससी परीक्षाओं को लेकर सामने आई गड़बड़ियों के बाद सरकार ने अपने बचाव में जीएसटी विभागीय परीक्षा की जांच रिपोर्ट पर आनन-फानन में कार्रवाई की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि जीएसटी पदोन्नति प्रक्रिया में अनियमितता थी, तो सरकार ने पिछले ढाई साल में इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मामला केवल 42 कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ा था और कांग्रेस के अनुसार इसका निराकरण कुछ महीनों में किया जा सकता था। उन्होंने सरकार से जांच समिति की रिपोर्ट और उसमें प्रस्तुत किए गए प्रमाणों को सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि यदि सरकार पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी होने का दावा कर रही है, तो उसके समर्थन में ठोस साक्ष्य भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
कांग्रेस ने वर्ष 2024 में 216 पदों पर पटवारी से राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा का भी उल्लेख किया। शुक्ला के अनुसार, उस परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद जांच की गई थी और परीक्षा रद्द की गई थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब 2024 में राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा से जुड़े मामले में अपेक्षाकृत जल्दी कार्रवाई हुई, तो जीएसटी विभाग के केवल 42 पदों से संबंधित जांच में इतना समय क्यों लगा। पार्टी ने यह भी सवाल किया कि जीएसटी जांच रिपोर्ट पीएससी परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद ही सामने क्यों आई।
पीएससी 2025 सिविल सेवा परीक्षा को लेकर भी कांग्रेस ने आयोग की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया है। शुक्ला ने कहा कि केवल साक्षात्कार स्थगित करना समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है। कांग्रेस ने मांग की है कि आयोग 2025 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं संबंधित अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए, ताकि वे अपने प्राप्त अंकों का स्वमूल्यांकन कर सकें और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर संतुष्ट हो सकें।
कांग्रेस के अनुसार, पीएससी 2025 की मुख्य परीक्षा में 265 पदों के मुकाबले 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए योग्य माना। कांग्रेस ने 187 अभ्यर्थियों के कम चयन को लेकर सवाल उठाए हैं। शुक्ला ने आयोग के उस कथित स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि इन अभ्यर्थियों ने निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं किए।
कांग्रेस ने वर्ष 2024 की परीक्षा में सामने आई कुछ उत्तर पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। शुक्ला का कहना है कि यदि आयोग का दावा है कि 187 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, तो उनकी उत्तर पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि इससे अभ्यर्थी अपने अंकों और मूल्यांकन का स्वयं परीक्षण कर सकेंगे। यह पूरा विवरण छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों, सवालों और मांगों पर आधारित है।