अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली होने और दवा खरीदी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के अस्पतालों में डॉक्टरों के पद रिक्त होने, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी तथा दवा खरीदी से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों, नर्सों, जीवनरक्षक दवाओं और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

Sep 18, 2026 - 11:00
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अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली होने और दवा खरीदी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने राज्य में मौसमी और संक्रामक बीमारियों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों तथा अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने दवा खरीदी से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता की आवश्यकता जताई है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के अनुसार राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों तक चिकित्सा संसाधनों की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होने से आम लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने स्वास्थ्य बजट के क्रियान्वयन, आपातकालीन दवाओं की खरीद में कथित देरी और मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार कुछ अस्पतालों में खराब चिकित्सा मशीनों की मरम्मत नहीं होने और आवश्यक उपकरणों की कमी की वजह से मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जांच किट जैसी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि गरीब, मजदूर, ग्रामीण और आदिवासी परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस के अनुसार पर्याप्त सरकारी चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने राज्य में स्वाइन फ्लू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों की स्थिति को लेकर भी सरकार से प्रभावी तैयारियों और निगरानी की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

कांग्रेस ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान संचालित श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना और शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का भी उल्लेख किया। पार्टी का दावा है कि इन योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के नजदीक पहुंचाने का प्रयास किया गया था और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इनकी गति प्रभावित हुई है। कांग्रेस ने इन योजनाओं की वर्तमान स्थिति और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच को लेकर भी सरकार से जानकारी देने की मांग की।

आयुष्मान योजना के भुगतान से जुड़े मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। सुरेंद्र वर्मा ने दावा किया कि भुगतान संबंधी बकाया के कारण कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज को लेकर कठिनाइयां सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने सरकार से डॉक्टरों, नर्सों, दवाओं, जांच सुविधाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। यह पूरा विवरण छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर आधारित है।