जीएसटी पदोन्नति और पीएससी परीक्षा को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य जीएसटी विभाग में 42 कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द किए जाने और पीएससी 2025 सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित किए जाने को लेकर सरकार और आयोग से जवाब मांगा है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जीएसटी पदोन्नति की जांच रिपोर्ट और उसके प्रमाण सार्वजनिक करने तथा पीएससी 2025 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की मांग की है।

Sep 18, 2026 - 11:14
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जीएसटी पदोन्नति और पीएससी परीक्षा को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य जीएसटी विभाग की परीक्षा और 42 कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द किए जाने के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि पीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद सरकार ने अपने बचाव में जीएसटी विभागीय परीक्षा की जांच रिपोर्ट पर जल्दबाजी में कार्रवाई की है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि जीएसटी पदोन्नति प्रक्रिया में अनियमितता थी तो सरकार पिछले ढाई वर्षों से क्या कर रही थी।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मामला केवल 42 कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ा था और कांग्रेस के अनुसार इसे कुछ महीनों में सुलझाया जा सकता था। उन्होंने मांग की कि जीएसटी पदोन्नति से संबंधित जांच समिति की पूरी रिपोर्ट और उसमें प्रस्तुत किए गए प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी होने का दावा कर रही है तो उसे अपने दावे के समर्थन में तथ्य और प्रमाण भी सामने रखने चाहिए।

कांग्रेस ने वर्ष 2024 में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पदोन्नति के लिए आयोजित परीक्षा का भी उल्लेख किया। शुक्ला के अनुसार, 216 पदों से संबंधित इस परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जांच की गई और परीक्षा रद्द की गई थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब उस मामले में शिकायत के बाद जांच और कार्रवाई हुई, तो जीएसटी विभाग के केवल 42 पदों से जुड़े मामले की जांच में इतना समय क्यों लगा। पार्टी ने यह भी सवाल किया कि जीएसटी परीक्षा की जांच रिपोर्ट पीएससी परीक्षा को लेकर विवाद सामने आने के बाद ही क्यों सामने आई।

पीएससी 2025 सिविल सेवा परीक्षा को लेकर कांग्रेस ने साक्षात्कार स्थगित किए जाने को भी अपर्याप्त कदम बताया है। शुक्ला ने कहा कि केवल साक्षात्कार रोकना समस्या का समाधान नहीं है। कांग्रेस की मांग है कि आयोग 2025 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं संबंधित अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए, ताकि वे अपने प्राप्त अंकों और मूल्यांकन का स्वमूल्यांकन कर सकें।

प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने कहा है कि 2025 की मुख्य परीक्षा में 265 पदों के मुकाबले 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया जाना था, लेकिन आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए योग्य माना। कांग्रेस ने 187 अभ्यर्थियों के कम चयन को लेकर सवाल उठाए हैं। शुक्ला ने आयोग की ओर से बताए गए न्यूनतम अंकों के आधार पर इन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से बाहर किए जाने की प्रक्रिया पर भी पारदर्शिता की मांग की।

कांग्रेस ने वर्ष 2024 की परीक्षा में सामने आई कुछ उत्तर पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। शुक्ला ने कहा कि यदि आयोग का दावा है कि 187 अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर सके और इसलिए साक्षात्कार के लिए योग्य नहीं हैं, तो उनकी उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि इससे अभ्यर्थियों को अपने मूल्यांकन और प्राप्त अंकों की स्थिति समझने का अवसर मिलेगा। यह पूरा विवरण छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों, सवालों और मांगों पर आधारित है।