तलाशी अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने जेल की एक-एक बैरक, शौचालय, अहाता और अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में जेल परिसर से कई प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए। बरामद सामान में 2 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चिलम, लाइटर, कैंची और नेलकटर समेत अन्य सामग्री शामिल है।
अचानक हुई इस कार्रवाई के दौरान जेल प्रशासन के साथ जिला और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी शहर शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी तलाशी अभियान की निगरानी करते रहे। अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने जेल के संवेदनशील हिस्सों की जांच की और प्रतिबंधित सामग्री की तलाश की।
एडिशनल एसपी भोजराज अग्रवाल ने बताया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक जेल में आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया। इसके लिए 10 टीमों का गठन किया गया था और सभी टीमों ने पूरे जेल परिसर की सघन तलाशी ली। जांच के दौरान मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि बरामद सामान का पंचनामा तैयार कर संबंधित थाना प्रभारी को सौंप दिया गया है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इन मोबाइल फोन से किन-किन नंबरों पर बातचीत की गई थी और संबंधित सिम कार्ड किसके नाम पर पंजीकृत हैं।
प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान किस माध्यम से पहुंचा। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच के आधार पर संपर्कों और अन्य संबंधित जानकारियों को खंगाला जाएगा। इसके अलावा जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है।
दुर्ग केंद्रीय जेल में हुई इस अचानक कार्रवाई को जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित सामग्री की मौजूदगी की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन द्वारा बरामद सामग्री से जुड़े तथ्यों की जांच आगे भी जारी रखी जाएगी।