एआई मिशन और निवेश के सरकारी दावे भ्रामक, निवेशकों का भरोसा खो चुकी है सरकार : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के एआई मिशन, औद्योगिक निवेश और डिजिटल विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि आईटी पार्क, एआई डेटा सेंटर, निवेश प्रस्ताव और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।

Aug 6, 2026 - 17:06
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एआई मिशन और निवेश के सरकारी दावे भ्रामक, निवेशकों का भरोसा खो चुकी है सरकार : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), औद्योगिक निवेश और डिजिटल प्रशासन से जुड़े दावों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि सरकार का कार्यकाल आधे से अधिक बीत चुका है, लेकिन अब भी भविष्य की योजनाओं और बड़े निवेश के दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश में बड़े आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और तकनीकी निवेश का अभाव बना हुआ है। उनका कहना है कि नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क और नए आईटी हब स्थापित करने की घोषणाएं तो की गईं, लेकिन इन परियोजनाओं पर ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की प्रक्रिया भी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाई है।

कांग्रेस का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में आईटी पार्क और एसईजेड तेजी से विकसित हो रहे हैं, जबकि छत्तीसगढ़ इस दिशा में पीछे रह गया है। पार्टी का दावा है कि तकनीकी शिक्षा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण युवाओं का महानगरों की ओर पलायन जारी है। इसके अलावा बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार की रफ्तार भी धीमी बताई गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान प्रस्तावित नवा रायपुर एआई डेटा सेंटर पार्क परियोजना पर वर्तमान सरकार ने काम आगे नहीं बढ़ाया। साथ ही भारतनेट फेज-3 और डिजिटल भारत निधि के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर और मोबाइल टावर लगाने के कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस का कहना है कि स्टार्टअप, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए घोषित योजनाओं का लाभ स्थानीय युवाओं तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पाया है।

सुरेंद्र वर्मा ने सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न निवेश सम्मेलनों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की गई, लेकिन उनमें से अधिकांश परियोजनाएं धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं। उन्होंने सितंबर 2025 के वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन निवेश प्रस्ताव, गुजरात और हैदराबाद में आयोजित निवेश कार्यक्रमों तथा बस्तर निवेश सम्मेलन के दावों का उल्लेख करते हुए पूछा कि इनमें से कितनी परियोजनाओं पर वास्तविक कार्य शुरू हुआ है।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि राज्य में पहले से संचालित कई उद्योग बंद हो चुके हैं और बड़ी संख्या में पंजीकृत कंपनियां निष्क्रिय हो गई हैं। पार्टी का आरोप है कि उद्योगों के बंद होने और नए निवेश के अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने के कारण रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया या आधिकारिक स्पष्टीकरण इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।