नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी बिहार के पटना से गिरफ्तार, 10 दिन की तलाश के बाद सरगुजा पुलिस को मिली सफलता
सरगुजा पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी तरुण कुमार जायसवाल को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 10 दिनों से लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने तकनीकी जांच, विभिन्न राज्यों में दबिश और समन्वय के बाद आरोपी को पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर अंबिकापुर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. सरगुजा l जिले के चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के फरार आरोपी तरुण कुमार जायसवाल को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पिछले 10 दिनों से लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में अपनी लोकेशन बदल रहा था।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण और लगातार फील्ड कार्रवाई के आधार पर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपना मोबाइल फोन बंद रखता था और जरूरत पड़ने पर राहगीरों के मोबाइल फोन का उपयोग कर संपर्क करता था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते फ्रीज कराए, वाहन की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली और उससे जुड़े संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की। इसके साथ ही आरोपी के रिश्तेदारों और परिचितों से लगातार पूछताछ भी की गई।
विशेष पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में देवघर, वासुकीनाथ, पुरी, रांची सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लगातार तकनीकी निगरानी और बिहार पुलिस के सहयोग से अंततः आरोपी को पटना से हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड के लिए पटना की अदालत में पेश किया गया, जहां से रिमांड मिलने के बाद आरोपी को अंबिकापुर लाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 504/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के अंतर्गत मामला दर्ज है। आरोपी पर एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म का आरोप है। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा 5,000 रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी। जांच के दौरान आरोपी के नाम से जारी 12 बोर डीबीबीएल लाइसेंसी बंदूक और उसका लाइसेंस भी पुलिस ने उसके निवास से जब्त कर लिया था। संबंधित शस्त्र लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था।
सरगुजा पुलिस का कहना है कि आरोपी को अंबिकापुर लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा तथा मामले की आगे की विवेचना जारी रहेगी। पुलिस पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।