तुता गांव में मकान तोड़ने के नोटिस पर कांग्रेस का विरोध, सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नवा रायपुर के तुता गांव में 36 परिवारों को मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब परिवारों को बिना उचित पुनर्वास के बेघर करने की तैयारी कर रही है। यह आरोप कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं और इस पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

Jul 5, 2026 - 11:41
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तुता गांव में मकान तोड़ने के नोटिस पर कांग्रेस का विरोध, सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नवा रायपुर के तुता गांव में 36 परिवारों को कथित रूप से मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया है। पार्टी ने इसे गरीब परिवारों के हितों के खिलाफ बताया और राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। यह बयान कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि नकटी गांव की घटना के बाद अब तुता गांव के परिवारों को भी बेघर करने की तैयारी की जा रही है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर वर्षों से निवास कर रहे गरीब, मजदूर और किसान परिवारों को उनके घरों से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि ऐसे कदम सामाजिक और मानवीय दृष्टि से उचित नहीं हैं।

कांग्रेस का दावा है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से संबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं और कई परिवारों ने सरकारी योजनाओं के तहत आवास का लाभ भी प्राप्त किया है। पार्टी का कहना है कि इन परिवारों के पास बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। ऐसे में बिना उचित पुनर्वास की व्यवस्था किए मकान खाली कराने की कार्रवाई लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है।

सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि किसी भूमि को लेकर कोई कानूनी विवाद है तो उसका समाधान कानून और संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि नोटिस वापस लेकर संबंधित परिवारों से बातचीत की जाए और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़े लोगों के कथित अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने के बजाय गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाने को प्राथमिकता दे रही है। पार्टी ने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि सरकार को सभी मामलों में समान नीति अपनानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि तुता गांव के 36 परिवारों को जारी मकान तोड़ने के नोटिस तत्काल वापस लिए जाएं। साथ ही किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और सभी संबंधित पक्षों से संवाद सुनिश्चित किया जाए।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इस समाचार में शामिल सभी आरोप और दावे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस प्रेस विज्ञप्ति में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है।