प्रशासनिक अराजकता को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता का आरोप लगाते हुए सरकार और नौकरशाही की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है और प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है।

Aug 3, 2026 - 11:17
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प्रशासनिक अराजकता को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में नौकरशाही हावी हो गई है और जनप्रतिनिधियों की बात तक नहीं सुनी जा रही है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता की स्थिति बनी हुई है और सरकार प्रशासनिक तंत्र पर नियंत्रण बनाए रखने में विफल साबित हो रही है।

प्रेस विज्ञप्ति में सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। पार्टी ने इसे सरकार की प्रशासनिक कमजोरी का उदाहरण बताया।

कांग्रेस ने अपने बयान में वरिष्ठ भाजपा नेता ननकी राम कंवर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराना पड़ा था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ननकी राम कंवर ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्ताधारी दल के नेताओं को भी अपनी बात मनवाने के लिए धरना और विरोध का सहारा लेना पड़ रहा है, तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कितना कठिन होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रेस विज्ञप्ति में बेमेतरा और रायपुर की कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में अव्यवस्था, प्रशासनिक मनमानी और अवैध गतिविधियों को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पा रही है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में बेलगाम नौकरशाही के कारण आम नागरिकों को अपने दैनिक कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पार्टी का दावा है कि पिछले एक वर्ष में सरकारी कामकाज की कार्यसंस्कृति प्रभावित हुई है और लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है।

यह प्रेस विज्ञप्ति छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी राजनीतिक बयान पर आधारित है। इसमें प्रशासनिक व्यवस्था, सरकार और अधिकारियों को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस के हैं। इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।