कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पंडरिया न्यायालयों का किया औचक निरीक्षण, लंबित राजस्व प्रकरणों के जल्द निराकरण के निर्देश

कवर्धा में कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पंडरिया अनुविभागीय और तहसील न्यायालय का औचक निरीक्षण कर लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से न्यायसंगत आदेश पारित करने के निर्देश दिए। इसके बाद कार्यालयीन बैठक में ई-अटेंडेंस और शत-प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया।

Sep 11, 2026 - 18:54
 0  2
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पंडरिया न्यायालयों का किया औचक निरीक्षण, लंबित राजस्व प्रकरणों के जल्द निराकरण के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने 11 सितंबर 2026 को पंडरिया अनुविभागीय न्यायालय और तहसील न्यायालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयीन कार्यों की स्थिति और विभिन्न राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने डायवर्सन, भू-अर्जन, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अपील सहित अन्य लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण कर निष्पक्षता एवं विवेक के साथ न्यायसंगत आदेश पारित किए जाएं।

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अपील प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जानकारी ली कि कितने मामलों में अपील हुई और कितने प्रकरणों में पूर्व में पारित आदेश परिवर्तित या निरस्त किए गए। उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं के आधार पर तहसीलदारों के न्यायालयीन कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों को समय पर प्रस्तुत करने तथा निचली अदालत से किसी मामले की फाइल मंगाए जाने पर उसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित पेशी के अनुसार सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पक्षकारों को समय पर तामीली कराई जाए, ताकि उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिल सके। भू-अर्जन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों तथा अन्य पक्षकारों की बात गंभीरता से सुनकर नियमानुसार निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी निरीक्षण के दौरान न्यायालय में लंबित प्रकरणों का एक-एक कर अवलोकन किया जाएगा।

डायवर्सन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को इसकी प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की सरल एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इससे लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। उन्होंने राजस्व प्रकरणों में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए लंबित मामलों के तेजी से निराकरण पर जोर दिया।

न्यायालयों के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने एसडीएम और तहसील कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागवार कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयीन समय का पालन करने तथा अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचने और कार्यालय से प्रस्थान करते समय बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है।

कलेक्टर ने कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस रिपोर्ट का भी अवलोकन किया। जिन कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं थी, उन्हें नियमित रूप से बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को ई-अटेंडेंस व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आगामी निरीक्षण के दौरान बायोमैट्रिक उपस्थिति की स्थिति की भी जांच की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी शासकीय कार्य शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। ई-ऑफिस के माध्यम से फाइल संबंधित अधिकारी तक समय पर पहुंच सकेगी और उसकी स्थिति की निगरानी भी आसानी से की जा सकेगी। उन्होंने सभी तहसीलों के कर्मचारियों को ई-ऑफिस का प्रशिक्षण दिलाने और इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। इस दौरान पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।