सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे सीएम विष्णु देव साय, बस्तर दौरा स्थगित
विष्णु देव साय का बस्तर दौरा स्थगित हो गया है, जिससे सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया। अब सचिन केवल छिंदनार गांव में ही कार्यक्रम में शामिल होंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर l छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का प्रस्तावित बस्तर दौरा अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया है। इस दौरे के दौरान वे महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के साथ एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा रद्द कर दिया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे के स्थगित होने का असर सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम पर भी पड़ा है। पहले उनके दौरे में दंतेवाड़ा जिले के गीदम ब्लॉक के जांवगा और पनेड़ा जैसे स्थानों पर भी कार्यक्रम निर्धारित थे, लेकिन अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार वे केवल छिंदनार गांव ही जाएंगे। इस बदलाव के बाद कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मौसम एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले दो दिनों से दंतेवाड़ा क्षेत्र में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है, जिससे कार्यक्रमों के आयोजन में कठिनाई हो सकती थी। इसके अलावा सुरक्षा कारणों को भी इस फैसले के पीछे एक अहम वजह बताया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
छिंदनार गांव में सचिन तेंदुलकर के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इंद्रावती नदी के किनारे बसे इस गांव में स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों और बच्चों को इस बात का बेसब्री से इंतजार है कि वे अपने पसंदीदा क्रिकेटर से मुलाकात कर सकें।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन द्वारा दंतेवाड़ा जिले के विभिन्न स्कूलों और आश्रमों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गीदम ब्लॉक के लगभग 15 स्कूल-आश्रम और पोटाकेबिन में खेल सुविधाएं तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें छिंदनार, कासोली, कोरलापाल, कारली और गुमड़ा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में छोटे-छोटे स्थानों पर भी खेल मैदान विकसित करने की पहल की जा रही है। शिक्षकों को भी इस दिशा में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सीमित संसाधनों में भी बच्चों के लिए खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
यह पहल न केवल बच्चों के शारीरिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उन्हें खेल के प्रति प्रेरित भी करेगी। बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह की पहल का विशेष महत्व है, जहां खेल संसाधनों की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है।
हालांकि मुख्यमंत्री के दौरे के स्थगित होने से कार्यक्रम की भव्यता थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन सचिन तेंदुलकर की उपस्थिति से यह आयोजन अब भी खास बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई दिशा देगा।
कुल मिलाकर, यह दौरा बस्तर में खेल विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर खोल सकता है।