अस्पताल की दहलीज पर अब घर जैसा सुकून: छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में मरीज परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह
छत्तीसगढ़ सरकार ने मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए एक संवेदनशील पहल करते हुए राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण का निर्णय लिया है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एमओयू संपन्न हुआ।
UNITED NEWS OF ASIAS.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। गंभीर बीमारी केवल मरीज को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से झकझोर देती है। खासकर जब दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए शहर आना पड़ता है, तब मरीज के परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाज के साथ-साथ ठहरने की व्यवस्था की होती है। इन्हीं मानवीय कठिनाइयों को समझते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक सराहनीय और संवेदनशील पहल की है।
अब राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्राम गृह बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें अस्पताल परिसरों में असुरक्षित और असुविधाजनक परिस्थितियों में रात बिताने की मजबूरी न रहे। इस महत्वपूर्ण योजना को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय, नवा रायपुर में चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक औपचारिक एमओयू संपादित किया गया।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समझौते के तहत विश्राम गृहों के निर्माण, आंतरिक सज्जा और उनके नियमित संचालन की पूरी जिम्मेदारी सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा वहन की जाएगी।
इन विश्राम गृहों में मरीजों के परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती आवास सुविधा मिलेगी। साथ ही 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सुथरा भोजन, पेयजल, शौचालय और गरिमामय वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यवस्था ‘नो प्रॉफिट–नो लॉस’ के आधार पर संचालित होगी, जिससे जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
योजना के प्रथम चरण में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को शामिल किया गया है, जहां प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इलाज केवल दवाओं से नहीं, बल्कि सुकून और अपनों की मौजूदगी से भी होता है। यह पहल स्वास्थ्य सुविधाओं को मानवीय दृष्टिकोण से मजबूत करेगी। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को सम्मानजनक आवास और आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
यह योजना न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि हजारों जरूरतमंद परिवारों को मानसिक राहत और मानवीय संबल भी प्रदान करेगी।