जेम पोर्टल में भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने की जांच और सोशल ऑडिट की मांग
छत्तीसगढ़ में जेम पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने इसकी जांच और सोशल ऑडिट की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सामान बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीदी के लिए उपयोग किए जाने वाले GeM Portal को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि जेम पोर्टल भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है और इसके माध्यम से हुई सभी खरीदी की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे प्रभावशाली लोग जेम पोर्टल के जरिए सरकारी सप्लाई के ठेके अपने चहेते लोगों को दिला रहे हैं और इसमें भारी कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सीएसआईडीसी के माध्यम से होने वाली खरीदी को भाजपा सरकार बनने के बाद बंद कर दिया गया, ताकि जेम पोर्टल के माध्यम से मनमानी की जा सके।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जेम पोर्टल के जरिए की गई खरीद में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 300 रुपये का जग 32 हजार रुपये में, 1 लाख रुपये की टीवी 10 लाख रुपये में और 60 हजार रुपये की रोटी मेकर मशीन 8 लाख रुपये में खरीदी गई। इसके अलावा 1539 रुपये का ट्रैक सूट 2499 रुपये में खरीदा गया। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े सरकारी खर्च में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पोर्टल के माध्यम से की गई अधिकांश खरीदी राज्य के बाहर के सप्लायरों से की गई, जिससे स्थानीय व्यापारियों की अनदेखी हुई है। इससे प्रदेश के व्यापारियों को नुकसान पहुंचा है और बाहरी कंपनियों को लाभ मिला है।
सुशील आनंद शुक्ला ने मांग की कि जेम पोर्टल के माध्यम से अब तक की गई सभी खरीददारी का सोशल ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता बरतना चाहती है, तो सभी खरीदी गई सामग्रियों और उनकी कीमतों को सार्वजनिक किया जाए। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कितनी खरीदी बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में नीचे से लेकर ऊपर तक कई लोग शामिल हैं, इसलिए सरकार इस मामले की जांच नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के मामलों में आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है और एफआईआर दर्ज कर उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में जल्द जांच नहीं कराई गई, तो पार्टी इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले समय में इस पर और सियासत गरमाने की संभावना है।