सीमेंट कीमतों में उछाल पर कांग्रेस का हमला: आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार

छत्तीसगढ़ में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि सरकार की निष्क्रियता के कारण कंपनियां मनमाने ढंग से दाम बढ़ा रही हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

Apr 8, 2026 - 12:11
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सीमेंट कीमतों में उछाल पर कांग्रेस का हमला: आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह,रायपुर । छत्तीसगढ़ में सीमेंट की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महंगाई पर नियंत्रण रखने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। पार्टी के प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने इसे आम जनता पर महंगाई की एक और मार बताया है।

रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सीमेंट कंपनियों ने एक बार फिर कीमतों में लगभग 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की है, जिससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी केवल खुले बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि नॉन-ट्रेड सीमेंट की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार की मौन सहमति इसमें शामिल है।

उन्होंने बताया कि पहले से ही पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब सीमेंट की कीमतें 260 से 340 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई हैं, जबकि खुदरा बाजार में यह 300 से 350 रुपये तक बिक रही है। इस स्थिति ने आम नागरिकों के लिए घर बनाना और भी मुश्किल कर दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सीमेंट की कीमतों में वृद्धि का असर केवल निजी निर्माण कार्यों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि सरकारी परियोजनाओं की लागत भी बढ़ेगी। अंततः इसका भार भी आम जनता को ही उठाना पड़ेगा, क्योंकि बढ़ी हुई लागत का प्रभाव विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है।

सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार या तो इस मामले में गंभीर नहीं है या फिर सीमेंट कंपनियों के साथ उसकी मिलीभगत है।

उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सीमेंट कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। इससे पहले भी कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई, लेकिन हर बार सरकार मूकदर्शक बनी रही। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार आम जनता की परेशानियों के प्रति संवेदनशील नहीं है और महंगाई को नियंत्रित करने में असफल है।

अंत में कांग्रेस ने मांग की कि सीमेंट की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए और कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ेगा।