मनरेगा पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता, नेताओं ने केंद्र सरकार पर लगाए मजदूर विरोधी फैसलों के आरोप
मनेंद्रगढ़ में आयोजित कांग्रेस की प्रेस वार्ता में मनरेगा कानून में बदलावों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए गए। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब और मजदूर विरोधी बताते हुए सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी दी।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र सुक्ला,कोरबा मनेंद्रगढ़। मनरेगा कानून में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में सोमवार को मनेंद्रगढ़ जिले में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में जिले के कार्यक्रम प्रभारी एवं पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल एवं जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने अलग-अलग तीखे बयान देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं बल्कि गरीबों और ग्रामीण मजदूरों को मिला संवैधानिक अधिकार था। मोदी सरकार द्वारा इसमें की जा रही कटौती और नियमों में बदलाव से इस अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों पर आर्थिक बोझ डालकर मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है, जो सीधे तौर पर मजदूर विरोधी कदम है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार 100 दिन रोजगार देने के दावे करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन 38 दिन से अधिक काम किसी को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई गांवों में महीनों से मनरेगा का काम बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीण परिवार बेरोजगारी और पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि मनरेगा ने दो दशकों से करोड़ों गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। कोविड महामारी के समय भी यही योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई थी, लेकिन भाजपा सरकार अब इस सुरक्षा कवच को छीन रही है। यह सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है।
विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि नए नियमों के तहत पंचायतों की भूमिका समाप्त कर दी गई है और यह तय करने का अधिकार सरकार अपने हाथ में ले रही है कि किसे काम मिलेगा और किसे नहीं। इससे गांवों का विकास रुक गया है और गरीबों को जानबूझकर रोजगार से वंचित किया जा रहा है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि योजनाओं के नाम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सबसे ज्यादा नुकसान महिला मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी, लेकिन अब 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है, जिससे काम बंद होने की स्थिति बन रही है।
प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। इस दौरान महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी, निर्मला चतुर्वेदी, पूनम सिंह, रामनरेश पटेल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।