केंद्र सरकार ने जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा- सिमगा- रायपुर 6-लेन मार्ग परियोजना को दी हरी झंडी।
केंद्र सरकार ने जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर 6-लेन मार्ग परियोजना को मंजूरी दी है। सांसद संतोष पांडेय ने परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। प्रस्तावित कॉरिडोर से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने तथा रायपुर-जबलपुर और रायपुर-भोपाल यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है। सांसद के अनुसार परियोजना से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छ.ग. सीमा से कवर्धा होते हुए रायपुर तक 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में होगा उन्नयन, सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का जताया आभार
केंद्र सरकार ने जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा- सिमगा- रायपुर 6-लेन मार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस सौगात के लिए क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।
सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि सरकार द्वारा उक्त प्रोजेक्ट के लिए 15000 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। उक्त ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तहत छत्तीसगढ़ के कवर्धा, बेमेतरा, सिमगा से रायपुर शहर जुड़ेगा। वहीं एमपी में यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ में एंट्री होगी।
जिससे भोपाल और रायपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी। अभी तक रायपुर से भोपाल पहुंचने में 14 से 15 घंटे लग जाते हैं। वहीं अब घटकर यह सफर 6 से 7 घंटे होने वाला है। इसके साथ ही रायपुर से जबलपुर की दूरी भी बहुत कम हो जाएगी। अभी जबलपुर से रायपुर पहुंचने में 7 से 8 घंटे लग जाते हैं वहीं प्रस्तावित 6-लेन कॉरिडोर बनने के बाद यह मात्र 3.5 से 4 घंटे का रह जाएगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
बता दें कि इस प्रोजेक्ट से दोनों शहरों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों को भी लाभ होगा।
सांसद पांडेय ने बताया कि यह पूरा इंटर-स्टेट कॉरिडोर मध्य भारत की सबसे बड़ी लाइफलाइन बनने जा रहा है। जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा चिल्फीघाटी, कवर्धा से होते हुए रायपुर तक जाने वाले इस हाईवे को 6-लेन एक्सप्रेसवे में बदला जाएगा। 2500 करोड़ की लागत से इसे अपग्रेड किया जाएगा।
यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को आपस में जोड़ने वाला सबसे मुख्य व्यापारिक रूट है। सांसद पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित हो रहे सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में मध्यभारत में कनेक्टिविटी का विस्तार ‘विकसित भारत’ के संकल्प को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।