प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर छत्तीसगढ़ बना देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया। उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार मिला।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त कृषि नीतियों और किसान हितैषी योजनाओं का लोहा मनवाया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए राज्य के उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 18 एवं 19 जनवरी 2026 को आयोजित 13वें नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में देशभर से कृषि एवं बीमा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया और नवाचारों की समीक्षा की गई।
छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार उद्यानिकी विभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक नीरज शाहा ने प्राप्त किया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ द्वारा अपनाई गई पारदर्शी प्रक्रिया, त्वरित क्लेम निपटान, किसानों की व्यापक भागीदारी और तकनीकी नवाचारों की विशेष रूप से सराहना की गई।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री ने उद्यानिकी और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार राज्य सरकार की किसान-केन्द्रित सोच और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितताओं से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिसमें फसल बीमा योजनाएं अहम भूमिका निभा रही हैं।
राज्य सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के किसानों को समय पर बीमा कवरेज, त्वरित मुआवजा और भरोसेमंद सहायता मिल रही है। यह पुरस्कार न केवल विभागीय कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों के लिए भी गर्व का विषय है।
छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है और भविष्य में कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।