कागजों में चमकी सड़क, जमीन पर जानलेवा गड्ढे, छाल-एडू मार्ग की बदहाली से ग्रामीण परेशान

रायगढ़ जिले के छाल-एडू मार्ग के निर्माण को मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। मानसून में सड़क के गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार से तत्काल गड्ढों की मरम्मत कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।

Sep 7, 2026 - 08:10
 0  4
कागजों में चमकी सड़क, जमीन पर जानलेवा गड्ढे, छाल-एडू मार्ग की बदहाली से ग्रामीण परेशान

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले के छाल से एडू के बीच लंबे समय से बदहाल सड़क अब बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। वर्षों के इंतजार, लगातार बढ़ती समस्याओं और कई विरोध प्रदर्शनों के बाद इस सड़क के निर्माण को मंजूरी मिलने से क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी। निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सड़क की जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

मानसून के दौरान छाल-एडू मार्ग की हालत और भी खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो गया है, जिससे कई स्थानों पर सड़क तालाबनुमा नजर आने लगी है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दुपहिया और चार पहिया वाहन इन गड्ढों में फंसने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। बारिश के कारण कीचड़ और फिसलन की समस्या ने परेशानी को और बढ़ा दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य यदि किसी तकनीकी या अन्य कारण से फिलहाल शुरू नहीं हो पा रहा है, तब भी बारिश के मौसम में सड़क को कम से कम आवागमन योग्य बनाए रखना जरूरी है। उनका आरोप है कि सड़क पर बने गड्ढों की भराई और आवश्यक मरम्मत का काम समय रहते कराया जाता तो लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों ने ठेकेदार से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

सड़क की स्थिति को लेकर क्षेत्र के लोगों में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब विभाग को निर्माण शुरू होने तक सड़क की स्थिति पर नियमित निगरानी रखनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही यदि गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर लापरवाही दिखाई देती है तो भविष्य में होने वाले निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी आशंका पैदा होना स्वाभाविक है।

स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि आसपास के गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हुई है। खराब सड़क के कारण स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क के गड्ढों की भराई और आवश्यक मरम्मत नहीं कराई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उनका कहना है कि वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे क्षेत्र के लोगों को अब केवल कागजी मंजूरी नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर और सुरक्षित सड़क चाहिए। लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार की ओर से इस दिशा में जल्द कार्रवाई होने का इंतजार ग्रामीण कर रहे हैं।