यह कैसा सम्मान समारोह, जिले में टॉप करने वाले निजी स्कूल के छात्र का नाम सूची से गायब

अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के संस्कार इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र हर्ष साहू ने कक्षा दसवीं में 94.33 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में निजी स्कूल के इस टॉपर छात्र का नाम शामिल नहीं किया गया। इसे लेकर अभिभावकों और निजी स्कूलों से जुड़े लोगों में नाराजगी है।

Sep 7, 2026 - 08:18
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यह कैसा सम्मान समारोह, जिले में टॉप करने वाले निजी स्कूल के छात्र का नाम सूची से गायब

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, मानपुर l जिले में कक्षा दसवीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के संस्कार इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र हर्ष साहू ने कक्षा दसवीं में 94.33 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बावजूद आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में जिले के टॉपर हर्ष साहू का नाम शामिल नहीं किया गया। इस मामले को लेकर छात्र के परिवार और निजी स्कूल से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

बताया जा रहा है कि हर्ष साहू ने दसवीं बोर्ड परीक्षा में 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। जिले में प्रथम स्थान हासिल करना किसी भी विद्यार्थी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। ऐसे में उम्मीद थी कि जिला स्तर पर आयोजित सम्मान समारोह में हर्ष को भी सम्मानित कर उसकी उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से सराहा जाएगा। लेकिन समारोह में निजी स्कूल के इस छात्र का नाम नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था और सम्मान प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर यह चर्चा है कि सम्मान समारोह में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है, जबकि निजी स्कूल से जिले में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को सूची से बाहर रखा गया। यदि ऐसा हुआ है तो यह न केवल छात्र की उपलब्धि की अनदेखी है, बल्कि इससे अन्य निजी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के मनोबल पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों का कहना है कि किसी विद्यार्थी की सफलता को उसके विद्यालय के आधार पर नहीं बल्कि उसकी मेहनत और परीक्षा में प्राप्त उपलब्धि के आधार पर देखा जाना चाहिए। सरकारी हो या निजी, हर विद्यार्थी ने परीक्षा में मेहनत की है और बेहतर परिणाम हासिल करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को सम्मान से वंचित किए जाने की स्थिति में शिक्षा विभाग को इसका स्पष्ट कारण सामने रखना चाहिए।

मामले को लेकर निजी स्कूलों से जुड़े लोगों का कहना है कि विद्यार्थियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सम्मान समारोह का उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे में यदि किसी छात्र ने जिले में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है तो उसकी उपलब्धि को सम्मान मिलना उसके आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

हर्ष साहू की उपलब्धि ने संस्कार इंग्लिश मीडियम स्कूल और अम्बागढ़ चौकी क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। अब सवाल यह है कि जिला स्तर के सम्मान समारोह में उसका नाम क्यों शामिल नहीं किया गया। क्या सम्मान के लिए केवल सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को पात्र माना गया या निजी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए अलग मानदंड निर्धारित किए गए हैं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मामले की जानकारी स्पष्ट करने तथा भविष्य में सम्मान समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को समान अवसर देने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की उपलब्धियों का सम्मान किसी संस्थान के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर होना चाहिए। निजी स्कूल के विद्यार्थी के साथ कथित भेदभाव को लेकर उठे सवालों का जवाब अब शिक्षा विभाग की ओर से सामने आने का इंतजार है।