दंतेवाड़ा में शुरू हुआ ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलम्पिक 2025, 42 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

दंतेवाड़ा जिले के भांसी और कुआकोंडा में ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलम्पिक 2025 की शुरुआत उत्साहपूर्वक हुई। 42,000 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न खेल विधाओं में भाग लिया। विधायक अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है।

Nov 4, 2025 - 11:28
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दंतेवाड़ा में शुरू हुआ ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलम्पिक 2025, 42 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के भांसी और कुआकोंडा में सोमवार से बस्तर ओलम्पिक 2025 के ब्लॉक स्तरीय खेलों की शुरुआत हर्षोल्लास के साथ हुई। जिले के विभिन्न विकासखंडों में एक साथ तीन दिवसीय खेल महोत्सव का आगाज हुआ, जिसमें हजारों खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन भांसी आईटीआई परिसर, कटेकल्याण के परचेली, दंतेवाड़ा के बालूद और गीदम के जावंगा में किया गया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य तिलेश्वरी नाग, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष महेश गावड़े, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत खेल विधाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ की गई, जिसने माहौल को उत्साह से भर दिया।

 

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक अटामी ने कहा कि “बस्तर ओलम्पिक केवल खेल नहीं, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त मंच है।” उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से अनुशासन, एकता और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज में भाईचारा और समरसता को भी बढ़ावा देता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल व्यक्ति के समग्र विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक जैसी पहल से स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

 

उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारिवारिक स्तर पर भी सहभागिता हो रही है — पिता-पुत्र, माता-पुत्री जैसे जोड़े एक साथ मैदान में उतर रहे हैं। यह दृश्य बस्तर क्षेत्र में सामाजिक एकता और खेल भावना का जीवंत उदाहरण बन गया है।

जिला पंचायत सदस्य तिलेश्वरी नाग ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक ग्रामीण खेलों को पुनर्जीवित कर रहा है। यह आयोजन गांव-गांव में खेल प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें बड़े मंच तक पहुँचाने का अवसर प्रदान करता है।

इस वर्ष के बस्तर ओलम्पिक में दंतेवाड़ा जिले के चार विकासखंडों में कुल 42,405 प्रतिभागियों का पंजीयन हुआ है — दंतेवाड़ा में 14,794, गीदम में 14,108, कटेकल्याण में 10,211 और कुआकोंडा में 8,638 खिलाड़ी शामिल हैं। सभी ब्लॉकों में एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, वॉलीबॉल, और पारंपरिक खेलों की प्रतिस्पर्धाएँ शुरू हो चुकी हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों ने एक स्वर में कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल खेल भावना को सशक्त कर रहा है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक नई उम्मीद जगा रहा है।

यह आयोजन बस्तर क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ते रुझान और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुका है, जो यह साबित करता है कि खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विकास और एकता का माध्यम बन चुके हैं।