बांकीमोंगरा शिव मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शेड निर्माण का भूमिपूजन
कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र स्थित श्री भुनेश्वरनाथ शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का भूमिपूजन संपन्न हुआ। नगर पालिका परिषद प्रतिनिधि विकास झा और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में विधि-विधानपूर्वक नींव रखी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. भूपेंद्र साहू, कोरबा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में स्थित श्री भुनेश्वरनाथ शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का विधि-विधानपूर्वक भूमिपूजन किया गया। यह प्रांगण मंदिर की आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक होने के कारण विशेष महत्व रखता है। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के अध्यक्ष प्रतिनिधि विकास झा एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
शिव मंदिर में विशेष पर्वों, विशेषकर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। खुले प्रांगण में धूप और बारिश के कारण श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस शेड के निर्माण से अब भक्तों को मंदिर परिसर में बैठने, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिलेगा।
भूमिपूजन के दौरान विकास झा ने कहा, "मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। इस शेड के बन जाने से बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से पूजा में भाग ले सकेंगे।"
भूमिपूजन समारोह में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की और मंदिर की नींव विधिपूर्वक रखी गई। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और मंदिर समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भूमि पूजन के पश्चात सभी उपस्थित लोगों में प्रसाद का वितरण भी किया गया।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शेड बनने से मंदिर परिसर में आने वाले सभी लोग आराम और सुविधा के साथ पूजा-अर्चना कर पाएंगे। यह कदम न केवल धार्मिक गतिविधियों को आसान बनाएगा, बल्कि मंदिर को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बनाएगा।
नगर पालिका और मंदिर समिति ने बताया कि जल्द ही शेड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और इसे पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाया जाएगा। यह शेड क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक जीवन में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।