स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो चुनौतियों से जूझना सिखाती है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बालोद में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य समापन
बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का रंगारंग समापन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का संकल्प पैदा करती है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर बालोद/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों का सामना करना और अभावों में भी सकारात्मक जीवन जीना सिखाती है।” वे बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य एवं रंगारंग समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर-रेंजरों एवं स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
9 से 13 जनवरी तक आयोजित पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय जंबूरी में देश-विदेश से आए 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने सहभागिता की। समापन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, झांकियों और लोक कलाओं ने पूरे आयोजन को भारतीय कला एवं संस्कृति के अद्भुत समागम में बदल दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और दर्शकों की उपस्थिति से कार्यक्रम स्थल पर विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्काउटिंग से युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का विकास होता है, जो उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन होना राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचार “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” का स्मरण कराते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्काउट-गाइड आंदोलन की स्थापना, उसके मूल उद्देश्य और कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई।
समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में रोवर-रेंजर उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि जंबूरी के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, युवा संसद और एथनिक फैशन शो जैसे आयोजनों ने युवाओं को नई ऊर्जा दी है।
प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए युवा एकता, सेवा और संस्कृति का प्रतीक बनकर उभरा है।