बालोद जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल पर शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करने समितियों में शिविर आयोजित
बालोद जिले में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एग्रीस्टेक पोर्टल में शेष किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए समिति स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों की व्यक्तिगत जानकारी अद्यतन करने के साथ वास्तविक रकबे के आधार पर धान खरीदी की तैयारी की जा रही है ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल पर सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के लिए समिति स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल जिले में आगामी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से की जा रही है।
इन शिविरों में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के ऐसे किसानों का पंजीयन किया जा रहा है जो एकीकृत किसान पोर्टल में तो दर्ज हैं, लेकिन अभी तक एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत नहीं हुए हैं। इसके साथ ही, ऐसे किसानों की व्यक्तिगत जानकारी भी अद्यतन की जा रही है जिनकी जानकारी अधूरी या अप्राप्त है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी राजस्व, सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि जिले के प्रत्येक पात्र किसान का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी किसान को धान खरीदी योजना का लाभ लेने से वंचित न रहना पड़े।
आज 27 अक्टूबर को पाररास, तरौद और मालीघोरी सहित जिले की कई सहकारी समितियों में राजस्व एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन के महत्व, उसके लाभ और प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण से किसानों के वास्तविक रकबे और उत्पादन की जानकारी दर्ज होगी, जिससे खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत बनेगी।
किसान अपनी संबंधित सहकारी समितियों के अलावा निकटतम ग्राहक सेवा केंद्रों में भी जाकर एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं। वहीं जिन किसानों का व्यक्तिगत विवरण अधूरा है, वे समितियों में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर अपनी जानकारी अद्यतन करा सकते हैं।
जिले में यह अभियान लगातार जारी रहेगा जब तक शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा नहीं हो जाता। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी किसान धान खरीदी योजना के लाभ से वंचित न रहे और सभी पात्र कृषकों को उनके वास्तविक रकबे के आधार पर खरीदी का लाभ प्राप्त हो सके।