बचेली बाजार में गाय-सांड का आतंक, बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल, पूर्व पार्षद फिरोज़ नवाब ने कराया रेस्क्यू

दंतेवाड़ा जिले के बचेली सब्जी बाजार में उग्र सांड के हमले से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। पूर्व पार्षद फिरोज़ नवाब और पुलिस की तत्परता से घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद बाजारवासियों में आक्रोश है और नगर पालिका से गौवंश प्रबंधन की मांग की गई है।

Jan 8, 2026 - 11:06
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बचेली बाजार में गाय-सांड का आतंक, बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल, पूर्व पार्षद फिरोज़ नवाब ने कराया रेस्क्यू

 UNITED NEWS OF ASIA. नविन चौधरी, दंतेवाड़ा  | जिले के बचेली नगर के व्यस्त सब्जी बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सांड अचानक उग्र हो गया और बाजार में मौजूद लोगों पर हमला करने लगा। बाजार में रोजमर्रा की खरीदारी कर रहे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान बाजार में हमाली कर जीवन यापन करने वाले मोतीदास नामक बुजुर्ग व्यक्ति सांड के हमले का शिकार हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांड ने बुजुर्ग को पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पूर्व पार्षद फिरोज़ नवाब ने तत्परता दिखाते हुए घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए अपोलो अस्पताल पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी मधुनाथ ध्रुव का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

बताया गया कि घायल बुजुर्ग का कोई परिजन नहीं होने के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रारंभ में भर्ती करने में हिचकिचाहट दिखाई गई। स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी मधुनाथ ध्रुव ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती किया गया और उपचार शुरू हो सका।

डॉक्टरों के अनुसार घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। हमले में बुजुर्ग की जांघ की हड्डी टूट गई है, जिसके इलाज के लिए ऑपरेशन कर स्टील रॉड डालने की प्रक्रिया की जाएगी। फिलहाल बुजुर्ग डॉक्टरों की निगरानी में है।

घटना के बाद बचेली बाजार के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में गाय, बैल और सांडों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन नगर पालिका द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। आए दिन ऐसे जानलेवा हादसे हो रहे हैं, जिससे बाजार आने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

बाजारवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में घूम रहे गौवंश को सुरक्षित स्थानों पर रखने की स्थायी व्यवस्था की जाए। साथ ही, गौवंश प्रबंधन के लिए ठोस योजना लागू की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम नागरिकों को राहत मिल सके।