कोरबा के आयुष पाली क्लीनिक में IPD एवं OT का शुभारंभ, सात मरीजों की हुई सफल शल्यक्रिया

जिला मुख्यालय कोरबा स्थित शासकीय आयुष पाली क्लीनिक में इनडोर पेशेंट विभाग (IPD) एवं ऑपरेशन थियेटर (OT) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डॉ. पवन कुमार मिश्रा द्वारा सात मरीजों की सफल शल्यक्रिया की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा और पार्षद हितानंद अग्रवाल शामिल हुए।

Nov 7, 2025 - 10:44
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कोरबा के आयुष पाली क्लीनिक में IPD एवं OT का शुभारंभ, सात मरीजों की हुई सफल शल्यक्रिया

UNITED NEWS OF ASIA. भूपेंद्र साहू, कोरबा। जिले के स्वास्थ्य ढांचे को और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मुख्यालय कोरबा स्थित शासकीय आयुष पाली क्लीनिक में आज इनडोर पेशेंट विभाग (IPD) एवं ऑपरेशन थियेटर (OT) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा एवं पार्षद हितानंद अग्रवाल शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुई। शुभारंभ के साथ ही डॉ. पवन कुमार मिश्रा द्वारा सात रोगियों की सफल शल्यक्रिया की गई, जो क्लीनिक की चिकित्सा क्षमता और तत्परता को दर्शाता है।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला आयुष अधिकारी डॉ. उदय शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि IPD एवं OT के संचालन से अब आयुष पाली क्लीनिक में मरीजों को बेहतर और समग्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार का लाभ मिलेगा और उन्हें बाहर बड़े अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

कार्यक्रम में जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने क्लीनिक की नवीन सुविधाओं का अवलोकन किया और इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आयुष पाली क्लीनिक में OT और IPD के सुचारु संचालन हेतु कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से आवश्यक मानव संसाधन, यंत्र-उपकरण एवं फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। इस पहल से कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।

डॉ. उदय शर्मा ने कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आयुष चिकित्सा पद्धति की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे परंपरागत और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से जनस्वास्थ्य को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।