जानकारी के अनुसार, पूरा मामला साइबर ठगी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रवि मोहन गोस्वामी के अनुसार उन्हें शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित एक फोन कॉल आया था। इसके बाद उन्हें मनी ट्रेड 365 और स्काई ट्रेड नाम के एप्लीकेशन के माध्यम से निवेश करने के लिए कहा गया। शुरुआत में छोटी रकम निवेश करने पर मुनाफा दिखाई देने के बाद शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कई किश्तों में राशि जमा की। शिकायत के मुताबिक कुल 84 किश्तों में करीब 20.15 लाख रुपये जमा किए गए। बाद में संबंधित एप्लीकेशन बंद हो जाने पर उन्हें कथित धोखाधड़ी का पता चला।
इसके बाद मामले की ऑनलाइन शिकायत रेंज साइबर थाना सरगुजा में की गई। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत अपराध दर्ज किया गया। मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में की जा रही थी। जांच के दौरान अलग-अलग राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इसी बीच मामले को लेकर सीबीआई की विशेष अदालत में भी कार्रवाई हुई। अदालत की ओर से संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए और छत्तीसगढ़ के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी गई। मामले में पुलिस विभाग की ओर से जवाब प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी हुई। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होने की जानकारी सामने आई है।
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब एएसआई और आरक्षक के माध्यम से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये मांगने से संबंधित ऑडियो और वीडियो सामने आने की बात कही गई। आरोप है कि धारा कम करने और जल्द चालान पेश करने के लिए कथित रूप से एक करोड़ रुपये की मांग की गई तथा राशि दो किस्तों में लेने की बात सामने आई। इसके अतिरिक्त आरक्षक अंशुल शर्मा द्वारा अपने गैजेट खराब होने के नाम पर अलग से रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि साइबर रेंज थाना अंबिकापुर में साइबर ठगी का अपराध दर्ज हुआ था और जांच के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि जांच राहुल बंसल के नेतृत्व में की जा रही थी। आरोपी पक्ष की ओर से सीबीआई को एक करोड़ रुपये के लेनदेन से संबंधित शिकायत की गई थी, जिस पर पुलिस विभाग की ओर से जवाब दिया गया है।
आईजी के अनुसार, एक करोड़ रुपये के कथित लेनदेन के आरोप को लेकर संबंधित पक्ष से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। वहीं रुपये की मांग से संबंधित बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को तत्काल प्रभाव से साइबर रेंज थाना से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विभागीय कार्रवाई के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल एक करोड़ रुपये के कथित लेनदेन, पुलिसकर्मियों की भूमिका और साइबर ठगी के मामले से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।