अमरकंटक से भोरमदेव तक शिवभक्तों की सेवा में जुटे सेवा केंद्र, भोजन-विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था

सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर भोरमदेव सहित कबीरधाम के प्रमुख शिवालयों की ओर जाने वाले कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए अमरकंटक से भोरमदेव तक विभिन्न प्रमुख पड़ावों पर सेवा केंद्र बनाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से मृत्युंजय आश्रम सहित कई स्थानों पर निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे हैं।

Aug 8, 2026 - 18:24
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अमरकंटक से भोरमदेव तक शिवभक्तों की सेवा में जुटे सेवा केंद्र, भोजन-विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था

UNITED NEWS OF ASIA. सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा करने वाले कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमरकंटक से भोरमदेव तक व्यापक सेवा व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल से मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर शिवभक्तों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम कांवड़ यात्रियों के लिए प्रमुख सेवा केंद्र के रूप में सामने आया है। यहां दूर-दराज से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। आश्रम में भंडारा, प्रसादी और नाश्ते की सेवा लगातार जारी है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवा केंद्रों पर स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।

अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर कबीरधाम की ओर बढ़ रहे कांवड़ यात्रियों के समूहों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। कंधों पर कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों के ‘बोल बम’ के जयघोष, भक्ति गीत और डमरू की थाप सावन की आस्था को और जीवंत कर रहे हैं। लंबी पदयात्रा के दौरान सेवा केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए राहत का माध्यम बन रही हैं।

कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमरकंटक, खुड़िया, लमनी, डोंगरिया मेला परिसर, पुराना रेस्ट हाउस-छिरहा, राजानवागांव, धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, अंबेडकर भवन कवर्धा और भोरमदेव क्षेत्र सहित प्रमुख पड़ावों पर सेवा व्यवस्था की गई है।

इन सेवा केंद्रों पर कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन और स्वल्पाहार के साथ पेयजल, विश्राम तथा प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की जरूरतों का ध्यान रखते हुए लगातार सेवा में जुटे हैं। कठिन पदयात्रा के बीच भोजन, पानी और आराम की सुविधा मिलने से कांवड़ यात्रियों को काफी राहत मिल रही है।

सेवा केंद्रों पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की सक्रिय मौजूदगी भी देखने को मिल रही है। यात्रा मार्ग पर सुविधाओं की उपलब्धता से कांवड़ यात्री बिना अनावश्यक परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने सेवा व्यवस्था के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि लंबी पदयात्रा के दौरान मार्ग में भोजन, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं मिलने से यात्रा सुगम हो रही है।

अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह सेवा व्यवस्था धार्मिक आस्था के साथ सेवा, समर्पण और जनसहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है। सावन में हजारों शिवभक्तों की पदयात्रा के बीच मार्ग के विभिन्न सेवा केंद्र श्रद्धालुओं के लिए सहारा बने हुए हैं।