सरपंच की अनोखी पहल, किरित के 8 स्कूलों की 600 बेटियों को बांटी गई राखियां
जांजगीर जिले की ग्राम पंचायत किरित में सरपंच रेवती राजन पात्रे ने रक्षाबंधन के अवसर पर अनूठी पहल करते हुए पंचायत क्षेत्र के आठ स्कूलों में पढ़ने वाली करीब 600 बालिकाओं को राखियां वितरित कीं। पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को त्योहार की खुशियों से जोड़ना और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के महत्व को बढ़ावा देना है।
UNITED NEWS OF ASIA. हितेश पाण्डेय, जांजगीर l जिले की ग्राम पंचायत किरित में रक्षाबंधन के अवसर पर सरपंच रेवती राजन पात्रे की अनोखी और सराहनीय पहल सामने आई है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में आने वाले आठ स्कूलों में पढ़ने वाली करीब 600 बालिकाओं को राखियां वितरित की गईं। इस पहल के माध्यम से पंचायत की बेटियों को रक्षाबंधन के पर्व से जोड़ने और उनके चेहरे पर त्योहार की खुशी लाने का प्रयास किया गया।
सरपंच रेवती राजन पात्रे ने बताया कि रक्षाबंधन भाई और बहन के बीच प्रेम, विश्वास और स्नेह को मजबूत करने वाला पवित्र त्योहार है। यह पर्व पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चे इस पर्व को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए कई बार त्योहार की आवश्यक सामग्री जुटाना मुश्किल हो जाता है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत किरित की ओर से पंचायत क्षेत्र में पढ़ने वाली सभी बालिकाओं को राखी उपलब्ध कराने की पहल की गई। इसके तहत पंचायत के अंतर्गत आने वाले आठ स्कूलों में पहुंचकर लगभग 600 छात्राओं को राखियां वितरित की गईं। प्रत्येक बालिका को चार राखियां दी गईं, ताकि वे अपने भाईयों की कलाई पर प्रेम और स्नेह के साथ राखी बांध सकें और त्योहार की खुशियों में सहभागी बन सकें।
सरपंच ने कहा कि स्कूलों में ऐसे कई बच्चे भी पढ़ते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके परिवारों के लिए त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त खर्च करना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में पंचायत स्तर पर छोटी सी पहल के माध्यम से बच्चों को त्योहार की खुशी देने का प्रयास किया गया है। उनका उद्देश्य केवल राखी बांटना नहीं, बल्कि गांव की बेटियों के साथ अपनत्व और सम्मान का भाव मजबूत करना है।
रक्षाबंधन का पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। राखी का धागा प्रेम, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का संदेश देता है। ग्राम पंचायत किरित में आयोजित इस पहल ने इसी भावना को आगे बढ़ाने का काम किया है। स्कूलों में राखियां मिलने पर छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इस पहल के लिए ग्राम पंचायत का आभार जताया।
पंचायत की इस पहल को ग्रामीण स्तर पर सामाजिक सहभागिता और जनसेवा की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। त्योहार के अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान रूप से खुशियां उपलब्ध कराने का प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देता है। ग्राम पंचायत किरित की यह पहल न केवल रक्षाबंधन की भावना को मजबूत करती है, बल्कि बेटियों के प्रति सम्मान और अपनत्व का भाव भी प्रदर्शित करती है।