गुरु पूर्णिमा पर महामाई धाम फरसियां में भव्य महानदी आरती, संरक्षण का लिया संकल्प

महामाई धाम फरसियां में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महानदी उद्गम कुंड में भव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महानदी मैया की आरती कर नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।

Jul 30, 2026 - 13:06
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गुरु पूर्णिमा पर महामाई धाम फरसियां में भव्य महानदी आरती, संरक्षण का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सर्व धर्म तीर्थस्थल महामाई धाम फरसियां में महानदी उद्गम कुंड पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। प्रत्येक पूर्णिमा की तरह इस बार भी आयोजित आरती में क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों से आए साधु-संतों, श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों तथा गायत्री परिवार के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

संध्या बेला में दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के साथ महानदी मैया की आरती संपन्न हुई। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा पीठ फरसियां के गायत्री परिवार द्वारा किया गया। वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने महानदी के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

महानदी आरती समिति के कैलाश सोन ने बताया कि महामाई धाम परिसर में पिछले 13 वर्षों से प्रत्येक पूर्णिमा को नियमित रूप से महानदी महाआरती आयोजित की जा रही है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि महानदी के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और समाज की सहभागिता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बताया कि "मां अभियान" के माध्यम से नदी संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जल स्रोतों के महत्व को लेकर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

महामाई समिति के अध्यक्ष शिवदयाल साहू ने कहा कि महानदी जैसी जीवनदायिनी नदी के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। फरसियां में चल रहा यह अभियान धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है और लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है।

16 पाली सेवा समिति के सचिव नीरज सोन ने बताया कि महानदी उद्गम स्थल पर प्रत्येक पूर्णिमा को नियमित रूप से आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें 16 पाली क्षेत्र के गांवों के श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। यह आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ नदी संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।

महामाई धाम फरसियां अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि महानदी संरक्षण का जनआंदोलन बन चुका है। यहां समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और नदी संवर्धन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिला प्रशासन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बताया है।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने महानदी मैया की आराधना करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और महानदी की अविरल एवं निर्मल धारा बनाए रखने की प्रार्थना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश देने में सफल रहा।