वनांचल की गर्भवती महिलाओं को मिली बड़ी स्वास्थ्य सुविधा, तरेगांव में 97 महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर तरेगांव में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 97 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की गई। 106 लोगों की ओपीडी जांच कर निःशुल्क दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।

Aug 9, 2026 - 18:27
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वनांचल की गर्भवती महिलाओं को मिली बड़ी स्वास्थ्य सुविधा, तरेगांव में 97 महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को उनके क्षेत्र के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव में निःशुल्क सोनोग्राफी जांच एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इस शिविर में तरेगांव सेक्टर सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों से पहुंची गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सकीय परामर्श और सोनोग्राफी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

शिविर में कुल 97 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच की गई। जांच के माध्यम से गर्भावस्था की स्थिति और गर्भस्थ शिशु के विकास की निगरानी के साथ संभावित जटिलताओं की पहचान करने का प्रयास किया गया। चिकित्सकों ने महिलाओं को जांच के आधार पर आवश्यक परामर्श दिया और सुरक्षित मातृत्व के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। शिविर के माध्यम से हाई रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी और उपचार की दिशा में कदम उठाए गए।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए उनके क्षेत्र के नजदीक ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऐसे शिविरों का निरंतर आयोजन करने के निर्देश दिए, ताकि दूरस्थ गांवों की महिलाओं को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सके।

शिविर में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी के अलावा आम नागरिकों के लिए भी स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान 106 लोगों की ओपीडी जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य जांच, प्रसव पूर्व सावधानियों और संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी भी दी गई।

शिविर का लाभ तरेगांव, जंगल मगरवाड़ा, लरबक्खी, सीली, भरतपुर, जुनवानी, दुर्जनपुर, बरपानी, राली, कुरकुरापानी, जोकपानी, केशरमदा, मुकाम, बैरक, बैजलपुर सहित आसपास के अनेक गांवों की महिलाओं और ग्रामीणों को मिला।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि सोनोग्राफी और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन आगे भी जारी रखा जाएगा। बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा कि समय पर जांच से हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान करने में मदद मिलती है, जिससे चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार समय रहते शुरू किया जा सकता है।

तरेगांव में आयोजित यह शिविर वनांचल क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इससे दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अपने क्षेत्र के नजदीक ही जांच, परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हुईं।