कार्यक्रम का आयोजन सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी तथा शिशु रोग विभाग की डॉ. पूनम अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हुआ। इसमें गर्भवती महिलाओं के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने गर्भावस्था में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी। प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात देखभाल, स्त्री रोग संबंधी समस्याओं तथा परिवार नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी परामर्श दिया गया। चिकित्सकों ने गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व को समझाया।
डाइटिशियन प्रांजल श्रीवास्तव ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को संतुलित आहार एवं पर्याप्त पोषण के संबंध में जानकारी दी। गर्भावस्था के दौरान उचित डाइट, पोषण संबंधी आवश्यकताओं और स्तनपान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी परामर्श दिया गया। महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय एवं पोषण विशेषज्ञ की सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से हाई रिस्क गर्भावस्था वाली महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। ऐसी महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार देखभाल करने और आवश्यकता पड़ने पर समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता लेने की जानकारी दी गई।
चिकित्सकों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य की निगरानी महत्वपूर्ण होती है। नियमित जांच और विशेषज्ञों की सलाह से गर्भावस्था से जुड़ी संभावित समस्याओं की समय पर पहचान और आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। साथ ही उन्हें पोषण, प्रसव पूर्व देखभाल, प्रसव पश्चात देखभाल और स्तनपान से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने महिलाओं के सवालों का समाधान करते हुए उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थिति के प्रति सजग रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और उनके परिजनों ने चिकित्सकीय एवं पोषण संबंधी जानकारी प्राप्त की।