मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत पहुंची स्वास्थ्य टीम ने गांव में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की जांच की। इस दौरान मलेरिया और सिकल सेल की जांच के साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष स्वास्थ्य जांच की गई, वहीं बच्चों के टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
स्वास्थ्य जांच के दौरान एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई। स्वास्थ्य टीम ने समय रहते इन मरीजों की पहचान करते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया। इससे दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य समस्या की समय पर जानकारी और उपचार की दिशा में आवश्यक सहायता मिल सकी।
लोहागांव तक पहुंचना स्वास्थ्य टीम के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा। पहाड़ी और जंगल क्षेत्र होने के कारण सामान्य परिवहन से गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके बावजूद टीम ने करीब 11 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं। टीम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक आने वाले लोगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी विभाग की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया। मलेरिया जैसे संक्रमण की जांच के साथ सिकल सेल और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान के लिए भी आवश्यक परीक्षण किए गए।
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से दूरस्थ और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत जिले के 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं।
अभियान का उद्देश्य केवल ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करना नहीं है, बल्कि बीमारियों की समय पर पहचान, आवश्यक उपचार की शुरुआत और गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ना भी है। लोहागांव में हुई स्वास्थ्य जांच इसी पहल का उदाहरण है, जहां दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य टीम ग्रामीणों तक पहुंची और जरूरतमंद मरीजों को आगे के उपचार के लिए रेफर किया।