जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में छात्राओं को मिली सरस्वती साइकिल, इसरो स्पेस लैब का हुआ उद्घाटन
राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलें वितरित कीं। साथ ही विद्यालय में स्थापित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इसरो स्पेस लैब (तारामंडल) का उद्घाटन कर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनांदगांव l जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर पदमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय विद्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलों का वितरण किया तथा विद्यालय परिसर में स्थापित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इसरो स्पेस लैब (तारामंडल) का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुई। पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। उन्हें गणवेश, पाठ्य पुस्तकें और मिठाई वितरित कर नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं दी गईं। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ विज्ञान और तकनीक से जोड़ना बेहद आवश्यक है। विद्यालय में स्थापित इसरो स्पेस लैब विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। उन्होंने छात्राओं को वितरित की गई सरस्वती साइकिल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत का महत्व बताया। अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की गई।
शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विद्यालय के प्रति आकर्षित करना, शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्हें बेहतर भविष्य के लिए मन लगाकर पढ़ाई करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उत्साह दिखाई दिया। शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चों का आत्मीय स्वागत कर उन्हें नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रेरित किया गया तथा आधुनिक शिक्षा और विज्ञान आधारित अधिगम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।