'जिला संवाद 2026' में जनसरोकारों के मुद्दे उठे, समता कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि ने रखी जनता की आवाज
रायपुर के समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज ऑडिटोरियम में 'हरिभूमि' एवं 'INH 24x7' द्वारा आयोजित 'जिला संवाद 2026' कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि ने प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों, समस्याओं और जनहित के विषयों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में नागरिकों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज ऑडिटोरियम में 'हरिभूमि' एवं 'INH 24x7' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'जिला संवाद 2026' कार्यक्रम में प्रदेश के जनसरोकारों, विकास और आम नागरिकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि ने कहा कि जनता की आवाज़ बनना उनका प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने मंच से प्रदेश के लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना है।
उन्होंने कहा कि उनका लगातार प्रयास रहा है कि जनहित से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाए, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाएं, रोजगार और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई तथा जनसरोकारों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों और युवाओं ने भी विभिन्न स्थानीय समस्याओं एवं विकास से जुड़े सुझाव साझा किए। संवाद के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ, जिससे कार्यक्रम सार्थक और जनहितकारी साबित हुआ।
कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधि ने आयोजन के लिए 'हरिभूमि' एवं 'INH 24x7' का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों और युवाओं का भी धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी जनता के हितों और अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने का संकल्प दोहराया।
'जिला संवाद 2026' का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित कर जमीनी समस्याओं को सामने लाना तथा उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल करना रहा। कार्यक्रम में सहभागी लोगों ने भी ऐसे आयोजनों को लोकतंत्र के लिए उपयोगी और आवश्यक बताया।