भाजपा का तिरंगा अभियान केवल दिखावा, संघ की शाखाओं में तिरंगे से परहेज क्यों : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के तिरंगा यात्रा अभियान पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा हर भारतीय के लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक है, लेकिन भाजपा और उसके वैचारिक संगठन के पुराने रुख को लेकर कई सवाल आज भी मौजूद हैं। कांग्रेस ने संघ की शाखाओं में तिरंगा फहराने की परंपरा को लेकर भाजपा से स्पष्टीकरण मांगा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भाजपा से जुड़े वैचारिक संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

Aug 9, 2026 - 12:47
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भाजपा का तिरंगा अभियान केवल दिखावा, संघ की शाखाओं में तिरंगे से परहेज क्यों : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे तिरंगा यात्रा अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के अभियान को राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए आन, बान और शान का प्रतीक है, लेकिन भाजपा के तिरंगा प्रेम को लेकर उसके वैचारिक इतिहास के संदर्भ में सवाल उठते हैं।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा को तिरंगा यात्रा निकालने से पहले आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के नागरिक अपने घरों में गर्व से तिरंगा फहराते हैं, लेकिन संघ की शाखाओं में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर क्या नीति है। कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि यदि तिरंगा देश के सम्मान का प्रतीक है तो संघ की शाखाओं में इसे लेकर समान उत्साह क्यों नहीं दिखाई देता।

कांग्रेस नेता ने आरएसएस के पुराने साहित्य और प्रकाशनों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के शुरुआती दौर में संघ से जुड़े विचारों में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर आपत्तियां व्यक्त की गई थीं। उन्होंने गोलवलकर की पुस्तक बंच ऑफ थॉट्स का उल्लेख करते हुए भाजपा से उसके वैचारिक इतिहास पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

शुक्ला ने आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में 1947 में प्रकाशित एक पुराने लेख का भी उल्लेख किया। कांग्रेस का आरोप है कि उस दौर में तिरंगे के तीन रंगों को लेकर आपत्तिजनक विचार व्यक्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि आज भाजपा तिरंगे के सम्मान को लेकर अभियान चला रही है, इसलिए उसे अपने वैचारिक संगठनों के पुराने रुख पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद तिरंगे को लेकर सामने आई कथित घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े लोगों ने उस समय की घटनाओं पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने भाजपा से अपने राजनीतिक और वैचारिक इतिहास को देश के सामने रखने की मांग की।

सुशील आनंद शुक्ला ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदू महासभा और उससे जुड़े नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आजादी से पहले के वर्षों में इन संगठनों का स्वतंत्रता आंदोलन में क्या योगदान रहा। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका को लेकर भी भाजपा से जवाब मांगा।

उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख करते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तत्कालीन राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उस दौर में उनके विचार कांग्रेस और महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले भारत छोड़ो आंदोलन से अलग थे।

कांग्रेस ने कहा कि तिरंगा किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि पूरे देश की एकता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा से आग्रह किया कि तिरंगे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय राष्ट्रीय ध्वज के प्रति वास्तविक सम्मान और प्रतिबद्धता प्रदर्शित की जाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के तिरंगा अभियान को लेकर कांग्रेस के सवाल इतिहास और वैचारिक निरंतरता से जुड़े हैं। पार्टी ने भाजपा से इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है।